जब Mulayam Singh yadav के निर्देश पर डीएम हरिओम ने की थी CM Yogi की गिरफ्तारी
बात उस समय की है जब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे।मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुई हत्या ने उग्र आंदोलन का रुप ले लिया।योगी के नेतृत्व में जन आंदोलन शुरु होगया था।तब सूबे के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के निर्देश पर योगी क
Mulayam Singh Yadav Death: समाजवादी पार्टी के संरक्षक ,देश के पूर्व रक्षामंत्री व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।मुलायम सिंह जमीन से जुड़े नेता थे।राजनीति में देश के बड़े नेताओं में सुमार मुलायम सिंह व सीएम योगी आदित्यनाथ के कई किस्से हैं जो काफी प्रसिद्ध हैं।मुलायम सिंह की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया है।सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी मौत पर दु:ख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है।आज एक ऐसी घटना के बारे में बताएंगे जिसने गोरखपुर की राजनीति को उग्र कर दिया था।सभी आंदोलन पर उतर आए थे। दुकाने बंद हो गयी थी। उस समय सूबे की कमान थी मुलायम सिंह यादव के हाथ।तब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे।

ऐसे शुरु हुआ था विवाद
गोरखपुर में 25 जनवरी 2007 को कोतवाली क्षेत्र के बक्शीपुर में मोहर्रम का जुलूस निकला हुआ था।इसी जुलूस में छेड़खानी के बाद दो समुदाय के लोगों में मारपीट शुरु हो गयी थी।इसी दौरान एक युवक ने चाकू से हमला कर दिया।जिसमें एक की मौत हो गयी। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी।इसी बीच गाड़ी से खींचकर दूसरे समुदाय के लोगों ने आरोपियों पर तलवार से हमला कर दिया।जिसमें एक आरोपी की मौत हो गयी ।इसके बाद गोरखपुर में जगह-जगह दंगे शुरु हो गए। जब यह बात उस समय के गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ को पता चली तो उन्होंने जनसभा का आह्वान कर दिया।घटना के समय योगी कुशीनगर दौरे पर थे।उनके कहने पर पहली बार विधायक बने राधामोहन दास अग्रवाल,तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी व हिंदू युवावाहिनी के अध्यक्ष सुनील सिंह में धरना प्रदर्शन शुरु हो गया।
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मुलायम ने दिए योगी की गिरफ्तारी के निर्देश
उस समय सूबे मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे।उन्होंने पूरी घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ की गिरफ्तारी के निर्देश दे डाले।जिला प्रशासन योगी की गिरफ्तारी की योजना बनाने लगी।उस समय गोरखपुर के डीएम थे डॉक्टर हरिओम।हरिओम ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर योगी को कब और कहा से गिरफ्तार किया जाए इस पर मंथन शुरु कर दिया। जगदीशपुर में योगी की गिरफ्तारी का निर्णय लिया गया ।जगदीशपुर कुशीनगर से गोरखपुर आते समय पहले पड़ता है।यह शहर का बाहरी छोर है।यहां पुलिस व प्रशासन योगी का इंतजार करने लगी।पूरा जगदीशपुर छावनी में तब्दील था।जैसे ही योगी ने जगदीशपुर में प्रवेश किया पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

सड़कों पर लेट गए योगी के प्रशंसक
डीएम हरिओम ने जैसे ही पुलिसकर्मियों को योगी की गिरफ्तारी का आदेश दिया वैसे ही हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतर गए।गाड़ी के आगे वह लेटने लगे।पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।वहां से जेल तक की चार किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को आठ घंटे लग गए।
11 दिनों तक रहे जेल में रहे योगी
इसके बाद योगी को गोरखपुर जेल में 11 दिनों तक रहे।इस दौरान गोरखपुर लगातार जल रहा था।जगह-जगह आगजनी जारी थी।व्यापारियों ने अपनी दुकानें बदं रखी थी।आमजनता सड़कों पर थी।जेल में मिलने वालों की संख्या इतनी थी मानों वह अपने मठ में हों।

जेल में मिलने वालों के लिए बना था रास्ता
योगी आदित्यनाथ जेल के मिलेनियम बैरक में थे।नगर विधायक राधामोहन दास अग्रवाल,सुनील सिंह,मेयर अंजू चौधरी सहित सैंकड़ों संख्या में लोगों ने गिरफ्तारी दी थी।योगी से मिलने वालों का तांता लगा रहता था।चेकिंग बंद कर दी गयी। जेल की दीवार तोड़कर बैरक में जाने का रास्ता बना दिया गया था।
जेल से छूटने के बाद शांत हुए लोग
योगी के जेल में बंद होने के बाद आंदोलन और उग्र हो गया।इसे देखते हुए तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह ने डीएम हरिओेेेेम व एसपी राजा श्रीवास्तव को हटा दिया।इसके बाद गोरखपुर पहुंचे डीएम राकेश गोयल व एसएसपी एसके भगत ने योगी आदित्यनाथ को 7फरवरी को जेल से रिहा किया।इसके बाद जाकर यहां लोग शांत हुए और दुकानें खुली।












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