अब अनुसूचित जाति के लोग भी बन सकेंगे उद्यमी,सरकार दे रही यह सुविधा
अनुसूचित जाति के लोगों के उद्यमी बनने की राह अब और आसान हो गयी है। इस वर्ग के लोगों को सरकार अब कई सुविधाएं दे रही है। सोमवार को गोरखपुर दौरे पर आए उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डॉ. लालजी प्र

गोरखपुर,18 जुलाई: अनुसूचित जाति के लोगों के उद्यमी बनने की राह अब और आसान हो गयी है। इस वर्ग के लोगों को सरकार अब कई सुविधाएं दे रही है। सोमवार को गोरखपुर दौरे पर आए उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि निगम की रोजगारपरक सभी योजनाओं में पात्रता के लिए अब कोई वार्षिक आय सीमा नहीं रहेगी। पर, 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले एससी बेरोजगारों को वरीयता दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि सरकार ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड की स्वरोजगार को प्रेरित करने वाली योजना में अभ्यर्थियों को आय सीमा से मुक्त कर दिया है।यही नहीं योजना में अनुदान राशि मे भी बढ़ा दीगई है। नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाएं अब प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के नाम से जानी जायेंगी।
बढ़ाई गई अनुदान राशि
अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में 46 हजार और शहरी क्षेत्रों में 56 हजार रुपये आय सीमा निर्धारित थी। आय सीमा को मुक्त करने के साथ ही अनुदान की राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस प्रोत्साहन से अनुसूचित जाति के लोग कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, हथकरघा उद्योग एवं सेवा व्यापार आदि के तहत अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं।
बनाया जाएगा क्लस्टर
पीएम-अजय योजना के तहत क्लस्टर बनाकर अनुसूचित जाति के लोगों को उद्यमी बनाया जाएगा। इसके लिए उनके समूहों का चयन होगा और एक क्लस्टर द्वारा प्रस्तुत परियोजना के सफल संचालन के लिए समूहों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।












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