Gorakhpur News: विजयदशमी पर गोरखनाथ मंदिर से सीएम की अगुवाई में निकली शोभायात्रा, गूंजे जय श्रीराम के नारे
Gorakhpur News: गोरखपुर की शाम गुरुवार को भक्ति और उल्लास के रंग में रंगी नजर आई। विजयदशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर से निकली पारंपरिक विजय शोभायात्रा ने पूरे शहर का माहौल आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु हर कदम पर उमंग और आस्था के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी बने।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं, पारंपरिक परिधान में रथ रूपी विशेष वाहन पर सवार होकर शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। रास्ते भर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। भीड़ में खास बात यह रही कि विभिन्न समुदायों के लोग इस आयोजन में पूरे मन से शामिल दिखे।

यात्रा के दौरान मुस्लिम, सिंधी और बुनकर समाज के लोगों ने भी स्वागत कर एकजुटता का संदेश दिया। पुष्प वर्षा और माल्यार्पण के बीच मुख्यमंत्री योगी ने सभी को आशीर्वाद दिया और नवरात्र का प्रसाद बांटा। इस दृश्य ने गोरखपुर की सामाजिक सद्भाव की मिसाल को और मजबूत किया।
शोभायात्रा रखती है विशेष महत्व
नाथपंथ की परंपराओं में विजयदशमी की यह शोभायात्रा विशेष महत्व रखती है। गुरुवार शाम चार बजे से यात्रा की शुरुआत हुई। शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर ने रथ में सवार होकर यात्रा का आगाज किया।
यात्रा के दौरान नागफनी, तुरही, नगाड़े और डमरू की धुनों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया। श्रीश्री हनुमान दल के बालकों ने करतब दिखाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। दोनों ओर खड़े लोग मोबाइल से वीडियो और तस्वीरें लेते हुए इस अद्भुत नजारे को कैद कर रहे थे।
शोभायात्रा का गर्मजोशी से किया गया स्वागत
यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने पुष्पवृष्टि कर स्वागत किया। उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा ने पीठाधीश्वर का माल्यार्पण किया और अपने समुदाय की ओर से आभार जताया। योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया।
सिंधी समाज ने भी झूलेलाल मंदिर के पास शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग छतों और गलियों से यात्रा को देख रहे थे। जगह-जगह लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने शोभायात्रा को और आकर्षक बना दिया।
धार्मिक अनुष्ठान और श्रीराम का राजतिलक
यात्रा का पड़ाव मानसरोवर मंदिर पर हुआ। यहां गोरक्षपीठाधीश्वर ने महादेव और अन्य देव विग्रहों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक और पूजन किया। वातावरण "हर-हर महादेव" और "जय श्रीराम" के नारों से गूंज उठा।
इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंची। यहां मुख्यमंत्री योगी ने रामलीला मंचन के दौरान प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की पूजा कर आरती उतारी। इस पल ने विजयदशमी के उत्सव को चरम पर पहुंचा दिया।
गोरखपुर की विजय शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हर वर्ग और समुदाय की सहभागिता ने इसे और खास बना दिया।












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