मनीष हत्याकांड गोरखपुर: सीबीआई कोर्ट ने तय किए आरोप, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पर चलेगा हत्या का मुकदमा
सीबीआई की विशेष न्यायालय ने मनीष गुप्ता हत्याकांड के सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। इसमें सिर्फ मुख्य आरोपी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जगत नारायण सिंह पर हत्या का मुकदमा चलेगा।

Manish Murder Case Gorakhpur: गोरखपुर के कृष्णा होटल में कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता के हत्या मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। मुख्य आरोपी व रामगढ़ताल थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जगत नारायण सिंह पर कोर्ट ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों पर साक्ष्य मिटाने,मारपीट व धमकी देने का आरोप तय किया गया है।
विशेष न्यायाधीश विजय कुमार झा ने आरोपितों की ओर से दाखिल डिस्चार्ज एप्लिकेशन को निरस्त कर दिया। आरोपित अक्षय कुमार मिश्र, विजय यादव, राहुल दूबे एवं कमलेश सिंह ने न्यायालय के समक्ष उन्मोचन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसे निरस्त करते हुए कोर्ट ने जगत नारायण सिंह के विरुद्ध हत्या कर साक्ष्य मिटाने व अन्य आरोपितों के विरुद्ध समान आशय से मारपीट करने एवं साक्ष्य मिटाने का आरोप तय किया है। कोर्ट ने होटल में इतनी संख्या में उपस्थित पुलिस वालों को नियम विरुद्ध नहीं माना है। विवेचना में यह बताया गया है कि 27 सितंबर 2021 को तत्कालीन पुलिस कप्तान द्वारा होटलों की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए थे, जिस क्रम में पुलिस वाले होटल में गए थे।
कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता अपने कुछ साथियों के साथ 27 सितबंर,2021 को गोरखपुर घूमने आए थे। खाना खाने के बाद वह सोने चले गए। देर रात लगभग 12 बजे के करीब तत्कालीन रामगढ़ताल प्रभारी निरीक्षक जगत नारायण सिंह पुलिसकर्मियों के साथ मनीष के कमरे की तलाशी लेने चले गए। किसी बात पर विवाद होने इंस्पेक्टर ने मनीष गुप्ता की बुरी तरह पिटाई कर दी। गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौत हो गयी थी। इसी मामले में मनीष की पत्नी ने प्रभारी निरीक्षक सहित 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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