ICT से इस युग की चुनौतियों का आसानी से कर सकते हैं सामना- कुलपति
गोरखपुर विश्वविद्यालय में शनिवार को आईसीटी विषय पर पाठ्यचर्चा का आयोजन किया गया।

Gorakhpur News : दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में शनिवार को यूजीसी- एचआरडीसी द्वारा 14 दिवसीय अन्तविषयीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम इंफार्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुलपति राजेश सिंह भी मौजूद रहे।
कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने शिक्षण संस्थाओं, विश्वविद्यालय में हम आईसीटी को किस तरह प्रयोग कर मेसेज, डाटा ,विडीयो आन डिमांड, विडीयों मल्टीप्लेसिंग के द्वारा सूचना जो इनफारमेटिव हो को प्रदर्शित करने के बारे में बताया। रिसर्च, शिक्षा, आनलाइन शिक्षा, ई-कन्टेन्ट, ई-लर्निंग में आईसीटी का बेहतर ढंग से कैसे प्रयोग करें, इसके बारे में अपने विचारों को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सूचना संचार प्राद्योगिकी के युग में सभी को विशेषकर छात्रों, शोध डालो, शिक्षक, कर्मचारी को आईसीटी फ्रेंडली होना पड़ेगा तभी हम आने वाली चुनौतियों का सामना कर पायेंगे।
प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने प्रौद्योगिकी क्या है? विशेषकर डाटा रिप्रेजेन्टेशन, डाटा स्टोरेज, डाटा रिट्रिवल और प्रोसेसिंग एवं डाटा कम्यूनीकेशन का महत्व समझाया। उन्होंने वर्चुवल बर्ड, साइबर स्पेस, साइवर सिक्योरिटी के बारे में विशेष जानकारी दी। नालेज सोसाइटी के निर्माण में ICT का प्रयोग महत्त्वपूर्ण होगा। समय के साथ सूचना प्रौद्योगिकी में बहुत कुछ परिवर्तन होने वाला है। लगभग सभी क्षेत्र के स्वरूप बदल जायेंगे। इक्कीसवीं तथा बाइसवीं सदी तक आमूल चूल परिवर्तन हो सकता है।
इस चौदह दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्योलयों से पचहत्तर से ज्यादा कार्यरत शिक्षकों ने भाग लिया है। कार्यक्रम के अन्त में प्रो० दिनेश यादव, पूर्व विभागाध्यक्ष बायोटेक्नालाजी विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन किया।












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