मशहूर पेंटर और पद्म विभूषण अवॉर्ड से सम्मानित लक्ष्मण पाई का निधन
पणजी। पद्म भूषण आर्टिस्ट लक्ष्मण पई का रविवार देर रात गोवा में निधन हो गया। वह 95 साल के थे। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने लक्ष्मण पई के निधन की जानकारी दी। उन्होंने गोवा में स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोशल मीडिया पर दुख जताया है। लक्ष्मण पई को कला के क्षेत्र में पद्म भूषण के साथ ही कई पुरष्कार से नवाज जा चुका हैं।

पद्म भूषण लक्ष्मण पई निधन की जानकारी देते हुए गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ट्वीट कर लिखा कि, 'प्रसिद्ध गोवा के कलाकार पद्म भूषण श्री लक्ष्मण पई के निधन से गहरा दुख हुआ। गोवा ने आज एक रत्न खो दिया है। कला के क्षेत्र में उनके अपार योगदान को हम हमेशा याद रखेंगे। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। शांति!'
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्रीपद वाई नाइक ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ट्वीट किया, "महान भारतीय कलाकार और चित्रकार, गोवा कॉलेज ऑफ़ आर्ट के पूर्व प्राचार्य, पद्म भूषण लक्ष्मण पई जी के निधन को सुनकर दुख हुआ। ईश्वर आपको शक्ति प्रदान करें। उनके परिवार को दुख सहन करने की ताकत दे। ओम शांति।
पद्मश्री से सम्मानित होने के साथ-साथ उन्होंने ललितकला अकादमी के पुरस्कार को तीन बार 1961, 1963 और 1962 में जीता है। भारत सरकार द्वारा उन्हें 1945 में पद्मश्री से सम्मानित का गया, 1987 में गोआ सरकार द्वारा सम्मानित किया गया तथा 1995 में उन्हें नेहरू पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
पई ने पेरिस में काफी समय बिताया। जिसका असर उनकी कला पर भी देखने को मिला। वे मार्क चैगल, पॉल क्ले और जोन मिरो से प्रभावित थे।आर्ट गैलरी डीएजी के अनुसार, उनका "कार्य भारतीय लोक कला की शैली के अन्वेषणों को प्रदर्शित करता है।












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