UP Ghazipur: पुलिस ने कील की खरोंच बताकर पीड़ित को भगाया, एमएलसी ने कराया ऑपरेशन तो खुला राज, कोतवाल सस्पेंड
UP Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। गाजीपुर में एक युवक के साथ मारपीट के दौरान दबंगों ने गोली मार दी थी। घायल युवक के पुलिस के पास पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिकायत किया तो पुलिस उसे मामूली खरोच बताकर वापस लौटा दी।
पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के बाद पीड़ित युवक अपने परिजनों के साथ रविवार को भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल के पास पहुंचा और पूरा मामला बताया। उसके बाद एमएलसी ने पुलिस से मामले की जानकारी ली तो उसका मेडिकल कराया गया। सोमवार को ऑपरेशन करने के बाद पीड़ित के कंधे से गोली निकाली गई।

इस मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद गाजीपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल कोतवाल और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पड़ताल के बाद उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, पूरा मामला गाजीपुर जनपद के तड़बनवां मुहल्ले का है। मुहल्ले में रहने वाले आलोक बलवंत द्वारा बताया गया कि वह 11 सितंबर को अपने दोस्तों के साथ प्रभात नगर पार्क में बैठकर पब्जी गेम खेल रहा था। गेम खेलने के दौरान ही वहां पर अमित यादव सहित अन्य युवक पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उसके साथ मारपीट की।
मारपीट करने के दौरान उन लोगों ने गोली भी चलाई जो आलोक बलवंत के कंधे में फंस गई। कंधे में गोली लगने के बाद आलोक गाजीपुर सदर कोतवाली पहुंचा और पुलिस से शिकायत किया। आलोक का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उससे एक सादे पेपर पर हस्ताक्षर कराया और कहा कि गोली नहीं लगी है, कील की खरोंच है। पुलिस द्वारा उसका मेडिकल भी नहीं कराया गया।
उसके बाद इस मामले में पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 323 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए पीड़ित को वापस लौटा दिया गया। आरोप है कि पुलिस के डर से सात दिन तक वह युवक इस घटना के बारे में किसी से नहीं बताया और दर्द से कराता रहा। बाद में जब परिजनों को जानकारी हुई तो एक पैथोलॉजी सेंटर में उसका एक्सरे कराया गया। एक्सरे में पता चला कि उसके कंधे में गोली फंसी हुई है।
ऐसे में न्याय के लिए आलोक बलवंत का परिवार रविवार को एमएलसी विशाल सिंह चंचल के कार्यालय में लगे जनता दरबार में पहुंचकर शिकायत किया। पीड़ित के परिवार द्वारा शिकायत किए जाने के बाद एमएलसी ने इंस्पेक्टर और सीओ सीटी से मामले के बारे में जानकारी ली।
उसके बाद घायल को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। जिला अस्पताल में भर्ती करने के बाद जब उसका ऑपरेशन किया गया तो उसके कंधे में फंसी हुई गोली निकली। मामले की जानकारी होने के बाद गाजीपुर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह द्वारा तत्काल सदर कोतवाल तेजबहादुर सिंह और चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया और मामले की जांच कराई जा रही है।












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