स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के चार गाइडों ने दी ईमानदारी की मिसाल, यूपी के टूरिस्ट को लौटाया 70 हजार रुपए से भरा पर्स
एक तरह जहां इंसान पैसों के लिए पूरी दुनिया में मारकाट मचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में काम करने वाले चार गाइडों ने 70,000 रुपए से भरा पर्स उसके मालिक को लौटाकर अपनी ईमानदारी का सबूत दिया है।
गांधीनगर, 22 सितंबर। एक तरह जहां इंसान पैसों के लिए पूरी दुनिया में मारकाट मचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में काम करने वाले चार गाइडों ने 70,000 रुपए से भरा पर्स उसके मालिक को लौटाकर अपनी ईमानदारी का सबूत दिया है और बताया है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है।

गुजरात घूमने गई थी महिला
बता दें कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने गुजरात गई थी और वहां के फूड कोर्ट में वह अपना पर्स भूल गयी, जिसमें 70 हजार रुपए थे। चूंकि वह महिला गुजरात से अपने घर यूपी वापस आ गयी थी, इसलिए इसलिए नर्मदा जिले के केवड़िया के पास स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अधिकारियों ने बुधवार को महिला के बारे में जानकारी प्राप्त कर उसका पर्स गुजरात में रहने वाले उसके एक करीबी को लौटा दिया। पर्यटन प्रशासन प्राधिकरण ने इस बात की जानकारी दी।
सचिव ने की गाइडों की ईमानदारी की प्रशंसा
गुजरात के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने चारों गाइडों की ईमानदारी और सत्यनिष्ठा की सराहना की है। 19 सितंबर को, चारों गाइडों - शाहीन मेमन, जूली पंड्या, ज्योत्सना तडवी और प्रताप तडवी को लंच ब्रेक के दौरान फूड कोर्ट में जाने पर एक लावारिस पर्स मिला। इस पर्स में 70 हजार रुपए, चाबियां और कुछ अन्य सामान था। यह महसूस करते हुए कि पर्स किसी एक पर्यटक का हो सकता है, गाइडों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारी प्रतीक माथुर से संपर्क किया।
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महिला के रिश्तेदार को लौटाया गया पर्स
प्रतीक ने पर्स में रखे अन्य दस्तावेजों के आधार पर पर्स के मालिक का पता लगाना शुरू किया। कुछ नंबरों पर कॉल करने के बाद अधिकारियों को पता चला कि पर्स स्नेहा जालान का है, जो 19 सितंबर को अपने रिश्तेदारों के साथ 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी और अन्य पर्यटन स्थलों पर घूमने आई थी और फिर वापस यूपी को लौट गईं। चूंकि महिला अपना पर्स लेने के लिए वापस नहीं आ सकी, इसलिए उसने अधिकारियों से गुजरात स्थित अपने रिश्तेदार को पर्स देने का आग्रह किया। इसके बाद बुधवार को जालान में रहने वाले महिला के रिश्तेदार को पर्स लौटा दिया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता, जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी के अध्यक्ष भी हैं, ने गाइडों की ईमानदारी की सराहना की।












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