गुजरात की इस सीट से चुने गए देश के दूसरे प्रधानमंत्री, भाजपा ने मौजूदा सांसद को ही दिया टिकट
Gujarat News In Hindi, गांधीनगर। गुजरात की साबरकांठा लोकसभा सीट पर सत्ताधारी भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद को दुबारा चुनाव में उतारा है। वहीं, 2014 में हार चुके शंकरसिंह वाघेला के स्थान पर कांग्रेस ने राजेन्द्रसिंह ठाकोर को उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि, साबरकांठा वही सीट है, जहां से चुनाव जीतकर गुलज़ारीलाल नन्दा देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने थे। गुलज़ारीलाल नन्दा ने कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा और वह तीन बार चुनाव जीते।

कांग्रेस ने यहां गुलज़ारीलाल नन्दा को चुनाव लड़ाया, वे दूसरे प्रधानमंत्री बने
इस बार इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस-भाजपा के लिए मुकाबला इसलिए रोचक है क्योंकि, कभी ये सीट कांग्रेस के प्रभुत्व में रही। जनता दल ने भी यहां जीत हासिल की। हालांकि, बाद में कांग्रेस की पकड़ भाजपा की वजह से कमजोर पड़ गई। वैसे, यहां कांग्रेस के बडे नेताओं ने ही ज्यादा चुनाव लडे और जीते भी। एक समय में भाजपा ने इस सीट से रामायण फेम रावण 'अरविंद त्रिवेदी' को चुनाव लड़ाया। हालांकि, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र को बचाने के बजाय मुंबई में रहना पसंद किया। इसलिए, भाजपा ने उन्हें दोबारा टिकट नहीं दिया।

जनता दल और कांग्रेस के बीच हुए मुकाबले
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहे गुलज़ारीलाल नन्दा साबरकांठा से 1951, 1957 और 1962 में चुनाव लड़े। फिर, 1967 और 1971 में सीसी देसाई भी कांग्रेस से ही चुनाव जीते। 1973 में सरदार वल्लभभाई पटेल की पुत्री मणीबेन भी जीतकर पार्लियामेंट गईं। इसके बाद 1977 में जनता मोर्चा की ओर एचएम पटेल ने साबरकांठा को जीत लिया।

रामायण फेम रावण 'अरविंद त्रिवेदी' भाजपा की ओर से जीते
वर्ष 1980 में फिर कांग्रेस की जीत हुई, उसके उम्मीदवार के रूप में शान्तुभाई पटेल सांसद चुने गए। 1984 में कांग्रेस हार गई और एचएम पटेल ने फिर चुनाव जीता। 1989 में जनता पार्टी के ही मगनभाई पटेल ने चुनाव जीता। फिर, 1991 में यहां रामलहर चल निकली तो भाजपा ने रामायण फेम रावण 'अरविंद त्रिवेदी' को चुनाव लड़ाया। वह जीत गए।

कांग्रेस की निशा चौधरी 3 बार जीतीं
1996, 1998 और 1999 में कांग्रेस की उम्मीदवार निशा चौधरी यहां से तीन बार जीतीं। निशा पूर्व मुख्यमंत्री अमरसिंह चौधरी की पत्नी थीं। अब ये दोनों नेता मौजूद नहीं हैं। 2001 में हुए उप-चुनावों में कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने सीट जीती। वह 2004 के आम चुनावों में यहां से भी जीते। 2009 में भाजपा के महेंद्रसिंह चौहान ने चुनाव जीता।

2014 में भाजपा ने दी करारी हार
इसके बाद वर्ष 2014 में भाजपा ने दीपसिंह राठौड़ को टिकट दिया और वे जीत गए। उन्होंने कांग्रेस के शंकरसिंह वाघेला को हराया। अब 2019 में दीपसिंह राठौड फिर भाजपा के उम्मीदवार हैं। जबकि, कांग्रेस ने शंकरसिंह वाघेला की जगह इस बार राजेन्द्रसिंह ठाकोर को मैदान में उतारा है।
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