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गुजरात में नहीं निकलने दी जा रहीं निचली जाति के दूल्हों की बारात, पुलिस-पहरे के बावजूद 3 दिन में 4 घटनाएं

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Gujarat news in Hindi , गांधीनगर। गुजरात में जातीय संघर्ष नहीं थम रहा है। पिछले तीन दिनों में यहां दलित दूल्हे की बारात रोकने की चार घटनाएं हुई हैं। अरवल्ली के मोडासा तालुका में खंबीसर गांव में बारात निकलने वाली थी, जो नहीं निकलने दी गई। एक उच्च जाति (पाटीदार समाज) के दबंग लोग बारात रोकने के लिए रास्ते में बैठकर भजन करने लगे। जैसे ही बारात वहां आई तो पथराव कर दिया गया। घोड़ी वाला घोड़ी छोड़ कर भाग गया। दूल्हे की सुरक्षा करने आए पुलिसकर्मी को पत्थर लगा और गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गईं। बैंड-बाजा तोड़ दिया गया। दूल्हे की पगड़ी उतरवा दी गई। बारात द्वार से ही निकल सकी, लेकिन अपने गांव से दूसरे गांव नहीं पहुंच सकी। तनाव के चलते शादी नहीं हो सकी। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए।

Gujarat: Members Of Upper Caste Stall Dalit Wedding Procession, Violent Clash

टैंकर से पानी डालकर रास्ते में कीचड़ कर दिया गया

उधर, दूल्हे का पिता ने कहा कि कल (सोमवार) फिर बारात निकालेंगे। वहीं, प्रात्जी में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां दलित की बारात को कहा गया कि मंदिर में बिना हो-हल्ला और गरबा खेले ही पूजा कर निकल जाएं। उन्हें रोकने के लिए टैंकर से पानी डालकर रास्ते में कीचड़ कर दिया गया। वहीं, साबरकांठा जिले के गाँव वंजारा में भी बारात नहीं निकलने दी गई। वहां भी पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया, तब बारात चढ़ पाई।

दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोका गया

इससे पहले मेहसाणा के कड़ी गांव में भी 9 मई को दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोका गया। गांव वालों उसे कहा कि ऐसा करने का हक नहीं है। उक्त मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच विणुजी ठाकोर को गिरफ्तार किया। उसके बाद गुस्साए गांव के प्रमुख लोगों ने फरमान जारी कर किया। फरमान में कहा गया कि जो कोई अनुसूचित जाति के दूल्हे से बात करेगा, जो दुकानदार दूध या अन्य सामान बेचेगा उस पर 5 हजार का जुर्माना लगेगा। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की सांसें फूल गईं।

Gujarat: Members Of Upper Caste Stall Dalit Wedding Procession, Violent Clash

'पुलिस से सुरक्षा मांगी गई थी, लेकिन नहीं दी गई'

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अरवल्ली के मोडासा तालुका में खंबियासर गांव में रविवार की शाम जब अनुसूचित जाति के युवक की बरात निकली तो गांव के पाटीदार समाज के लोगों ने उसे रोक दिया। पांच घंटे से ज्यादा समय तक बरात वहीं रुकी रही। तनातनी के बाद दोनों समुदायों की ओर जमकर पथराव किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल पहुंचा। जिसके बाद दोनों समुदाय के प्रमुख लोगों की बैठक बुलाई गई। मगर, दूल्हे पक्ष के लोग इस घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले ही पुलिस से सुरक्षा मांगी गई थी, लेकिन नहीं दी गई। इससे पहले भी गुजरात के दो गांवों में अनुसूचित जाति के युवक की बरात को लेकर विवाद हो चुका है।

साबरकांठा में पुलिस सुरक्षा में निकली बरात

गुजरात में ही साबरकांठा जिले के सितवादा गांव में ठाकोर समाज के विरोध के बाद अनुसूचित जाति के युवक की बारात पुलिस सुरक्षा में निकाली गई। डीएसपी मीनाक्षी पटेल का कहना है कि दूल्हे के परिवार की अर्जी पर सुरक्षा मुहैया कराई गई है। दूल्हे ने मंदिर में पूजा भी की। जिसके बाद शादी शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।

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English summary
Gujarat: Dalit wedding procession stopped in sabarkantha district, members of Upper castes object to loud music and groom riding a horse
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