बुलेट ट्रेन के भू-अधिग्रहण का 2 राज्यों में विरोध, गुजरात के 8 जिलों से आईं 2370 शिकायतें

गांधीनगर। भारत की पहली बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट के लिए गुजरात-महाराष्ट्र में कराए जा रहे भूमि-अधिग्रहण में दिक्कतें आ रही हैं। बुलेट ट्रेन के लिए गुजरात के 8 जिलों में 74,62,493 वर्ग मीटर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत अभी दूसरे चरण का काम बाकी है। मगर, इन आठ जिलों से 2370 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों पर संज्ञान लिया जाए तो बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लाइन का काम अधर में ही लटका रहेगा।

पहली बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट में आ रहीं दिक्कतें

पहली बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट में आ रहीं दिक्कतें

बता दें कि, बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलेगी। मगर, इस प्रोजेक्ट से जुड़ी अथॉरिटी को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में भी किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं, इन परिस्थितियों में बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी, इस पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। हालांकि, जापान सरकार बुलेट ट्रेन परियोजना को निश्चित समय में पूरा करने लिये उत्सुक है।

किस जिले से कितनी भूमि बुलेट ट्रेन के लिए चाहिए

किस जिले से कितनी भूमि बुलेट ट्रेन के लिए चाहिए

गुजरात के राजस्व मंत्री नितिन पटेल का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए, राज्य के 8 जिलों में 74,62,493 वर्ग मीटर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। भूमि अधिग्रहण केदूसरे चरण का काम अभी चल रहा है। राज्य के आठ जिलों में से अहमदाबाद में 287,259 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसी तरह, आणंद में 477672 वर्ग मीटर, खेड़ा में 1093987 वर्ग मीटर, वडोदरा में 951783 वर्ग मीटर, भरूच में1283814 वर्ग मीटर, सूरत में 1411997 वर्ग मीटर, नवसारी में 862088 वर्ग मीटर और वलसाड में 109,389 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। यानी गुजरात में 746 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही है।

जब तक भूमि अधिग्रहण नहीं होगा, ट्रेन नहीं चल सकती

जब तक भूमि अधिग्रहण नहीं होगा, ट्रेन नहीं चल सकती

राजस्व विभाग के सूत्रों ने कहा कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए जमीन अधिग्रहण विलंबित हो चुका है, क्योंकि महाराष्ट्र के अलावा गुजरात के आठ जिलों में जमीन काअधिग्रहण शिकायतों से प्रभावित हो चुका है। दक्षिण गुजरात के किसान समेत महाराष्ट्र के किसानों ने मुआवजा और अन्य मुद्दों को उठाकर भूमि अधिग्रहण का विरोध किया है। जब तक जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा तब तक बुलेट ट्रेन का काम शुरू नहीं किया जा सकता है।

सरकार शिकायतों के निपटारे में जुटी

सरकार शिकायतों के निपटारे में जुटी

गुजरात में, अहमदाबाद जिले में पाँच शिकायतें, आनंद में 40, खेड़ा में 43, वड़ोदरा में 504, भरूच में 408, सूरत में 936, नवसारी में 198 और वलसाड में 236 शिकायतें हैं। यानी कुल 2370 शिकायतें किसानों की ओर से मिली हैं। इन शिकायतों को निपटाने की कोशिश रेल मंत्रालय और गुजरात सरकार कर रही है।

88,000 करोड़ रुपये का ऋण देगा जापान

88,000 करोड़ रुपये का ऋण देगा जापान

बुलेट ट्रेन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण सवाल महाराष्ट्र के तट पर मेंग्रुव्स के पेड़ हैं। महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार चाहती है कि बुलेट ट्रेन परियोजना में मेंग्रुव्स कम प्रभावित हों। सितंबर 2017 में, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलेट ट्रेन का भूमिपूजन किया गया था, तब जापान सरकार ने इस सुपर-स्पीड ट्रेन के लिए भारत को 88,000 करोड़ रुपये का ऋण देने का वादा किया था। जापान सरकार इसऋण को चरणबद्ध तरीके से दे रही है। इस परियोजना की कुल लागत 1.10 लाख करोड़ रुपये है औऱ इसे 2023 तक पूरा करना है।

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