उम्रकैद भुगत रहे आसाराम के खिलाफ दुष्‍कर्म का दूसरा केस, गुजरात की कोर्ट में हुई पेशी

गांधीनगर। नाबालिग से दुष्‍कर्म का दोषी आसाराम उम्रकैद की सजा भुगत रहा है। उसके अलावा उसके बेटे को भी दुष्‍कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा हुई है। आसाराम को 2013 में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद 2018 में उसे सजा सुनाई गई। तब से वह राजस्‍थान की जेल में ही है। उसके खिलाफ अब एक और केस पर सुनवाई चल रही है। गांधीनगर कोर्ट में इस केस की ऑनलाइन हियरिंग हुई, इस दौरान आसाराम के बयान दर्ज किए गए।

गुजरात की कोर्ट में सुनवाई

गुजरात की कोर्ट में सुनवाई

आसाराम ने अपने खिलाफ साजिश रची होने की बात कही। कोर्ट में उसने कहा कि उसे साजिशन फंसाया गया है। उसने कहा, 'मैं यह जानता हूं कि किसने मेरे खिलाफ साजिशें रचीं। जो भी आरोप लगे हैं, वो उन लोगों की करतूतें हैं जिन्‍हें 12 साल पहले मेरे आश्रम से निकाल दिया गया था। उन्‍होंने मुझे और मेरे कुटुंब को फंसवाया है।'
बता दें कि, आसाराम के खिलाफ सूरत की भी एक महिला ने दुष्‍कर्म का केस दर्ज कराया था। 2014 से यह केस गांधीनगर डिस्‍ट्रिक्‍ट कोर्ट में लंबित है। विशेष अभियोजक आरसी कोडेकर के मुताबिक, आरोपी से अतिरिक्त जिला न्यायाधीश डी के सोनिक ने सीआरपीसी की धारा-313 के तहत कुछ सवाल-जवाब किए। जहां, आसाराम की ओर से अपना बचाव किया गया। उसने यह भी बताया कि किसने और क्यों उस पर रेप के आरोप लगवाए।

175 पन्नों में आसाराम का बयान दर्ज

175 पन्नों में आसाराम का बयान दर्ज

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आसाराम का बयान 175 पन्नों में दर्ज किया गया। आसाराम ने राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल से गांधीनगर डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जवाब दिए। आसाराम ने कहा कि, 'मेरे खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर फर्जी है। शिकायतकर्ता की ओर से जो आरोप लगाए गए हैं, पुलिस उस बारे में सच्चाई का पता लगाने की कोई कोशिश नहीं कर रही है।'
वहीं, खबर है कि, अभी इस केस के सह-आरोपियों से भी पूछताछ होगी, जिसमें आसाराम की पत्नी, बेटी और चार करीबी सहयोगी शामिल हैं।

आसाराम के संबंधी भी सह-आरोपी

आसाराम के संबंधी भी सह-आरोपी

बचाव पक्ष के वकील चंद्रशेखर गुप्ता ने कहा कि, अपना पक्ष रखने का मौका मिलने पर आसाराम ने ना सिर्फ अपने खिलाफ लगे आरोपों को नकारा, बल्कि कोर्ट को यह भी बताया कि आरोप एक साजिश का हिस्सा हैं। उसका कहना है कि,'12 साल पहले जिन लोगों को आश्रम से निकाल दिया गया था, उन्होंने ही यह साजिश रची।'

इन दुष्‍कर्म के मामलों में पिता बेटा दोनों दोषी

इन दुष्‍कर्म के मामलों में पिता बेटा दोनों दोषी

वहीं, जिस मामले में अभी आसाराम उम्रकैद भुगत रहा है, वह केस उत्‍तर प्रदेश की नाबालिग लड़की के यौन शोषण का है। दोषी करार दिए जाने पर आसाराम को वर्ष 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, यह दूसरा केस गुजरात के सूरत की महिला ने दर्ज कराया। वह भी आसाराम की अनुयायी थी। शिकायत में बताया गया था कि वर्ष 1997 से 2006 तक उसका यौन-शोषण किया गया। वहीं, पीड़िता की छोटी बहन ने भी आसाराम के बेटे नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया था। उसे (नारायण साईं) भी सूरत कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।

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