Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Cloud Burst or Pregnant Cloud: क्या होता 'बादल फटना', क्यों होती है इससे भारी तबाही?

देहरादून। आज एक बार फिर से बाढ़ के कारण उत्तराखंड में भारी नुकसान हुआ है, यहां के आठ जिलों में भारी बारिश की वजह से भारी तबाही हुई है, उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में रविवार को बादल फट गया था, इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई है जबकि 22 लोगों लापता हैं , तो कई घर जमींदोज हो गए हैं, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट राज्य में आज भी जारी है और लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है।

क्या होता बादल फटना, क्यों होती है इससे भारी तबाही?

बादल फटने की ये कोई पहली घटना नहीं है, इस तरह के कई हादसे हमें अक्सर सुनने को मिलते हैं इसलिए जब इस तरह के हादसे सामने आते हैं तो हर किसी के जेहन में एक ही सवाल कौंधता है कि आखिर बादल फटना होता क्या है?

क्या होता है बादल फटना?

क्या होता है बादल फटना?

बादल का फटना एक प्राकृतिक घटना है, जब बादल फटता है तो अचानक तेज बारिश होती है और हालात बाढ़ और तूफान की तरह के हो जाते हैं। ये सब होता है 'प्रेगनेंट क्‍लाउड' के कारण। 'प्रेगनेंट क्‍लाउड' मतलब कि पानी से भरे हुए बादल, जो कि जब किसी बाधा से टकराते हैं तो प्रलय के रूप में बरसते हैं।

बादल फटने पर आती है तेज बहाव वाली बाढ़

बादल फटने पर आती है तेज बहाव वाली बाढ़

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बादल भारी मात्रा में नमी यानी पानी लेकर आसमान में चलते हैं और उनकी राह में कोई बाधा आ जाती है, तब वो अचानक फट पड़ते हैं यानी तेजी से संघनन होता है। ऐसे में कई लाख गैलन पानी एक साथ पृथ्वी पर गिरता है, वो भी एक सीमित इलाके में। इससे तेज बहाव वाली बाढ़ आ जाती है।

पहाड़ों पर ज्यादा होती हैं ये घटनाएं

बादल फटने की अधिकतर आपदाएं पहाड़ी क्षेत्रों में ही होती हैं। जैसे की हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर आदि। 100 मिलीमीटर प्रति घंटा से बारिश बादल फटने का कारण होने वाली वर्षा लगभग 100 मिलीमीटर प्रति घंटा की दर से होती है, जिस कारण भारी तबाही होती है।

गर्म हवा के झोंके से टकराना

गर्म हवा के झोंके से टकराना

वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसा जरूरी नहीं है कि बादल के सामने कोई ठोस वस्‍तु आएगी तभी वो फटेंगे। बादल फटने का दूसरा कारण गर्म हवा के झोंके से टकराना भी है।भारत में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से प्रेगनेंट मॉनसून बादल उत्‍तर की ओर बढ़ते हैं, तब हिमालय के क्षेत्र में उनके फटने का खतरा ज्‍यादा रहता है।

क्या है उपाय

आवश्यकता है प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के प्रयासों की और ऐसी जगहों पर बचाव कार्यों के ज्यादा इंतजामों की जहां बादल फटने की घटना होने की संभावनाएं अधिक हैं।

देखिए वीडियो में बादल फटने पर कैसे आती है तबाही

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+