Ultra Rich: 5 साल में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ेंगे भारत में अल्ट्रा रिच, जीडीपी ग्रोथ से बढ़ेगी समृद्धि
Ultra Rich: भारत में अति अमीर (अल्ट्रा रिच) लोगों की संख्या पिछले साल छह फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 13,263 हो गई है। यह आंकड़ा अगले पांच साल यानी 2028 तक 50.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दुनिया में सबसे ज्यादा करीब 20 हजार होने का अनुमान है।
यह अनुमान रियल एस्टेट एडवाइजर नाइट फ्रैंक की दो दिन पहले जारी 'द वेल्थ रिपोर्ट 2024 में लगाया गया है। अल्ट्रा रिच की सूची में उन्हें शामिल किया जाता है जिनकी कुल संपत्ति तीन करोड़ अमरीकी डॉलर (करीब 250 करोड़ रुपए) या उससे ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत का मजबूत आर्थिक दृष्टिकोण, विशेष रूप से देश का हाई जीडीपी विकास पूर्वानुमान अगले पांच साल में अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स में अपेक्षित बढ़ोतरी का प्रमुख फैक्टर होगा।

वर्ष 2023 में तुर्की में 9.7 प्रतिशत, अमरीका में 7.9 प्रतिशत, भारत में 6.1 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया में 5.6 व स्विट्जरलैंड में 5.2 प्रतिशत अल्ट्रा रिच की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वही दूसरी ओर सिटी इंडेक्स की नई इंटरनेशनल वीमेंस डे स्टडी के मुताबिक विश्व की अरबपति महिलाओं की सूची में सावित्री जिंदल समेत 15 भारतीय महिलाएं शामिल हैं।
प्रवासी भारतीयों की भूमिका महत्त्वपूर्ण, आर्ट में निवेश को प्राथमिकता
रिपोर्ट के मुताबिक देश के बाहर रहने वाले भारतीय बिजनेस और मजबूत ग्लोबल रिलेशन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह कनेक्टिविटी पैसा कमाने और निवेश के अवसर पैदा करने मे सहायक सिद्ध हो रही है। रिपोर्ट में बताया गया कि अगले पांच साल में एशिया में अति-अमीर लोगों की संख्या में 38.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी जाएगी।
पिछले 20 साल में एशिया की अर्थव्यवस्था में काफी वृद्धि हुई है। यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा। इससे एशिया दुनियाभर में अमीर लोगों के उदय में प्रमुख योगदान देगा। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी हालत में है। कम घरेलू मुद्रास्फीति और संभावित ब्याज दर में कटौती अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद करेगी।
अमीर भारतीय दुर्लभ वस्तुओं में निवेश में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। भारत की संपत्ति बढ़ने के साथ-साथ अमीर भारतीय इस प्रकार की संपत्तियों में निवेश जारी रखेंगे। 2023 में अति अमीर भारतीयों ने घड़ियों के बाद आर्ट और ज्वेलरी में निवेश को प्राथमिकता दी है। आर्ट में निवेश करना सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। उसके बाद घड़ियां और क्लासिक कारें है। घडियों और क्लासिक कारों की कीमतें पिछले दस साल में काफी बढ़ी है।
भारत बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपने पहले कार्यकाल से ही लगे हुए हैं। 2014 और 2019 के बाद उनका दावा है कि एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के आंकड़ों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 8.4 प्रतिशत की मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत और इसकी क्षमता को दर्शाती है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सकल घरेलू उत्पाद 8.4 प्रतिशत रही है। मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि हमारे प्रयास तेज आर्थिक विकास लाने के लिए जारी रहेंगे, जिससे 140 करोड़ भारतीयों को बेहतर जीवन जीने और विकसित भारत बनाने में मदद मिलेगी।
विश्व की अरबपति महिलाओं में सावित्री जिंदल समेत 15 भारतीय महिलाएं शामिल
वहीं दूसरी ओर दुनिया की अरबपति महिलाओं की सूची में भारत 15 महिलाओं के साथ पांचवें नंबर पर है। सिटी इंडेक्स की नई इंटरनेशनल वीमेंस डे स्टडी के मुताबिक लिस्ट में अमरीका की सबसे ज्यादा 97 महिलाएं हैं। चीन की 42, जर्मनी की 22 और इटली की 19 महिलाएं हैं। भारत की सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल की नेटवर्थ 20.2 अरब डॉलर है।
भारत में दूसरे नंबर पर साइरस मिस्त्री की पत्नी रोहिका साइरस मिस्त्री है, जिनके पास 7.5 अरब डॉलर की दौलत है। दुनिया की सबसे अमीर महिला रिटेल चेन वॉलमार्ट की उत्तराधिकारी एलिस वाल्टन हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 78 अरब डॉलर है। स्टडी के मुताबिक दुनिया की हर पांच अमीर महिलाओं में चार अमरीका से हैं।












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