फिर से चर्चा में महात्मा गांधी की ग्लैमरस पर-पोती मेधा, देखें तस्वीरें
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी को मंगलवार को कांग्रेस और 17 अन्य विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से अपना उप राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया है। देश में पांच अगस्त को होने वाले उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए गोपालकृष्ण गांधी विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार होंगे।

गोपालकृष्ण गांधी के नाम की घोषणा
मंगलवार को ही इस सिलसिले में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद गोपालकृष्ण गांधी के नाम की घोषणा की गई। गोपालकृष्ण गांधी का जन्म 22 अप्रैल 1945 को हुआ था। वह देवदास गांधी और लक्ष्मी गांधी के बेटे हैं। सी राजगोपालचारी उनके नाना थे। सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में एमए की डिग्री हासिल करने के बाद गोपालकृष्ण गांधी ने 1968 से 1992 तक एक आइएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वह स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हुए।

बापू की पर-पोती मेधा गांधी
लेकिन आज हम आपको गोपालकृष्ण गांधी की नहीं बल्कि एक और गांधी के बारे में बताने जा रहे हैं और वो हैं बापू की पर-पोती मेधा गांधी, जो कि सोशल मीडिया की काफी एक्टिव पर्सन हैं, और वो अमेरिका में रहती हैं। उनकी फेसबुक की तस्वीरों को देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि वो काफी ग्लैमरस लाइफ पसंद करने वाली महिला हैं। अचरज इस बात का है कि गोपालकृष्ण गांधी के नाम के ऐलान के बाद लोग सोशल मीडिया पर मेधा गांधी को खोजने लगे।

बापू के बड़े पोते कांतिलाल की बेटी
आपको बता दें कि मेधा गांधी बापू के बड़े पोते कांतिलाल की बेटी हैं। कांतिलाल बापू के बड़े बेटे हीरालाल गांधी के पुत्र थे। मेधा गांधी अपने पूरे परिवार के साथ अमेरिका में रहती हैं। वो अमेरिका में कॉमेडी राइटर, पेरोडी प्रोड्यूसर के रूप में काम करती हैं।

हीरालाल गांधी
महात्मा गांधी के बड़े बेटे हीरालाल गांधी के बारे में कहा जाता है कि वो अपने पिता गांधी की बातों से इत्तफाक नहीं रखते थे। उनके अंदर काफी बुरी आदते थीं। वो शराब पीने लगे थे और इस कारण उनकी और उनके पिता की आपस में बनी नहीं।

इस्लाम अपना लिया था
कुछ किताबों में तो ये भी लिखा है कि हीरालाल गांधी विदेश में पढ़ना चाहते थे लेकिन गांधी इस बात के लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने इस बात के लिए मना कर दिया था, इसी कारण हीरालाल, बापू को नहीं मानते थे, कहा तो ये भी जाता है कि उन्होंने आगे चलकर इस्लाम अपना लिया था।

बेटे कांतिलाल अपने दादा से काफी प्रभावित
लेकिन हीरालाल गांधी के बेटे कांतिलाल अपने दादा से काफी प्रभावित थे। 12 मार्च 1930 से महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से दांडी कूच की शुरुआत की थी, उस कूच में कांतिलाल शामिल हुए थे और उस समय उनकी उम्र 20 साल थी।

कांतिलाल की बेटी
आजादी के बाद कांतिलाल का पूरा परिवार अमेरिका में बस गया और मेधा उन्हीं की बेटी है, जिनकी परवरिश अमेरिका में हुई है। मेधा गांधी अमेरिका में कॉमेडी राइटर, पेरोडी प्रोड्यूसर के रूप में काम करती हैं।

दादा का असर...
अमेरिका में रहने के बावजूद मेधा अपने दादा के आदर्शों को नहीं भूली हैं, वो उनके बताए अहिंसा के नियमों को मानती हैं, वो अक्सर सोशल काम से जुड़े मुद्दों के इवेंट में दिखती हैं, आप उनके फेसबुक अकाउंट की तस्वीरों से इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं।












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