राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज है जन्मदिन, जानिए उनका राजनीति करियर
प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। वे जुलाई 1969 में पहली बार राज्य सभा में चुनकर आए। तबसे वे कई बार राज्य सभा के लिए चुने गए हैं।
नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज 81वां जन्मदिन है। इस मौके पर प्रणब दा कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। कार्यक्रमों की लिस्ट में तीन किताबों का विमोचन होगा और नोबेल विजेत कैलाश सत्यार्थी द्वारा एक अभियान की शुरुआत करेंगे।

इस अभियान में करीब 5 हजार बच्चे भागीदारी करेंगे। तो आईए जन्मदिन के इस मौके पर प्रणब दा की जिदंगी के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं। इससे पहले वनइंडिया की तरफ से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
प्रणव मुखर्जी का राजनीतिक करियर
- प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल में हुआ था।
- वे जुलाई 1969 में पहली बार राज्य सभा में चुनकर आए।
- तबसे वे कई बार राज्य सभा के लिए चुने गए हैं।
- फरवरी 1973 में पहली बार केंद्रीय मंत्री बनने के बाद मुखर्जी ने पिछले चालीस साल में कांग्रेस की या उसके नेतृत्व वाली सभी सरकारों में मंत्री पद संभाला है।
- वर्ष 1996 से लेकर 2004 तक केंद्र में गैर-कांग्रेसी सरकार रही लेकिन 2004 में यूपीए के सत्ता में आने के बाद से ही प्रणब मुखर्जी केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी के संकटमोचक के तौर पर काम करते रहे।
- वो सरकार की कई समितियों की अध्यक्षता करने के अलावा कांग्रेस पार्टी में भी एक अहम भूमिका निभा चुके हैं।
- प्रणब मुखर्जी अब देश के 13वें राष्ट्रपति हैं।
- प्रतिभा पाटील के इस्तीफे के बाद प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई।
13 नंबर से है प्रणब दा का खास नाता
- प्रणब मुखर्जी का 13 से अनोखा नाता रहा है।
- वे 13 वें राष्ट्रपति हैं।
- 13 नंबर का बंगला है दिल्ली में।
- 13 तारीख को आती है शादी की सालगिरह।
- इतना ही नहीं 13 जून को ही राष्ट्रपति पद के लिए ममता ने प्रणब का नाम उछाला था।
कब-कब संसद में प्रणब दा
- प्रणब मुखर्जी को पहली बार जुलाई 1969 में राज्य सभा के लिए चुना गया था।
- उसके बाद वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्य सभा के लिए चुने गए।
- वे 1980 से 1985 तक राज्य में सदन के नेता भी रहे।
- मुखर्जी ने मई 2004 में लोक सभा का चुनाव जीता और तब से उस सदन के नेता थे।
- माना जाता है कि यूपीए सरकार में प्रणब मुखर्जी के पास सबसे ज़्यादा जिम्मेदारियाँ थीं।
- वे वित्तमंत्रालय संभालने के अलावा बहुत से मंत्रिमंडलीय समूह का नेतृत्व कर रहे थे।
जन्मदिन पर क्या-क्या है कार्यक्रम
- मुखर्जी सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित '100 मिलियन फोर 100 मिलियन कैंपेन' का आगाज करेंगे।
- जिसमें करीब 5000 बच्चे हिस्सा लेंगे।
- अभियान का मकसद अगले पांच साल में बाल श्रम, बाल दासता, बच्चों के खिलाफ हिंसा खत्म करने और हर बच्चे के सुरक्षित, मुक्त और शिक्षित होने के अधिकार को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर में 10 करोड़ वंचित बच्चों के लिए 10 करोड़ युवाओं और बच्चों को गोलबंद करना है।
- राष्ट्रपति तीन किताबें-'राष्ट्रपति भवन: फ्रॉम राज टू स्वराज', 'लाइफ एट राष्ट्रपति भवन' और 'इंद्रधनुष वोल्यूम दो' का विमोचन करेंगे।
- राष्ट्रपति की मौजूदगी में देश के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तीनों किताबों का विमोचन करेंगे।












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