Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Oscar Awards 2023: ऑस्कर अवार्ड्स की खुशी के बीच इससे जुड़ी ‘नस्लवाद’ की कड़वी सच्चाई भी ध्यान में रहे

Oscar Awards 2023, साल 2016 में आयोजित 88वें एकडेमी पुरस्कारों की दौड़ की सूची से अश्वेत कलाकारों के नाम ही नदारद थे। यही ट्रेंड इसबार भी ऑस्कर समारोह में देखने को मिला।

Oscar Awards 2023 Amidst the joy of the Oscars bitter truth of racism attached to it

'ऑस्कर 2023' पुरस्कार समारोह सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया है। इस अवॉर्ड शो में भारत ने भी सफलता का परचम लहराया है। भारत को दो ऑस्कर अवॉर्ड्स मिले हैं। पहला पुरस्कार बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म के लिए 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' को मिला। दूसरा सम्मान बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग के लिए नाटू-नाटू को दिया गया।

वहीं 'एवरीथिंग एवरीवेयर ऑल एट वन्स' के लिए हॉलीवुड अभिनेत्री मिशेल योह को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। ऑस्कर अवॉर्ड हासिल करने वाली वे पहली एशियाई (मलेशिया) अभिनेत्री हैं। वैसे इस बार ऑस्कर में एशियाई देशों का थोड़ा-बहुत जलवा दिखा लेकिन इस बार किसी अश्वेत अभिनेता को प्रमुख श्रेणियों में नामित नहीं किया गया। दरअसल, ऑस्कर पुरस्कारों में अश्वेतों की अनदेखी और अमेरिका और यूरोप से बाहर के देशों का तिरस्कार यानी क्षेत्रवाद जैसे आरोप दशकों से लग रहे हैं।

2016 में भी अश्वेतों को नहीं मिला सम्मान
बता दें कि साल 2016 में आयोजित 88वें एकडेमी पुरस्कारों की दौड़ की सूची से अश्वेत कलाकारों के नाम ही नदारद थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर ऑस्कर के विरोध #OscarsSoWhite के साथ ट्रेंड करने लगा। तब न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी अपनी रिपोर्ट में इन आरोपों को स्थान देते हुए लिखा था कि हॉलीवुड में 'नस्लवाद' की समस्या है।
अभी बीते जनवरी महीने में ही गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स 2023 में 'एवरीथिंग एवरीवेयर ऑल एट वन्स' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने के बाद मिशेल योह ने एक सनसनीखेज बयान दे दिया था। उन्होंने मंच से ही कह दिया कि हॉलीवुड में एशियाई अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया जाता है। इन्हीं को ऑस्कर 2023 की ज्यूरी ने बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब दिया है।

जब अश्वेत होने पर दी गई अलग टेबल
ऑस्कर की शुरुआत ही नस्लवाद से हुई थी। साल 1939 में आई हॉलीवुड की लैंडमार्क रोमांटिक फिल्म 'गॉन विथ द विंड' में नौकरानी के रोल के लिए अभिनेत्री हैटी मैक्डेनियल को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का ऑस्कर अवॉर्ड मिला। वे पहली ब्लैक कलाकार थी, जिन्हें यह सम्मान मिला।

मगर ताज्जुब की बात यह थी कि 29 फरवरी 1940 को 12वीं ऑस्कर सेरेमनी में जब हैटी मैक्डेनियल सेरेमनी में पहुंचीं तो उन्हें वीआईपी टेबल पर बैठने से रोक दिया गया। जबकि फिल्म की दूसरी कास्ट वहीं बैठी थी। अश्वेत होने के कारण उन्हें बॉल रूम में सबसे पीछे की तरफ कोने में एक छोटी सी टेबल पर जगह दी गयी। यहां तक कि उनकी खुद की फिल्म के प्रीमियर जो 15 दिसंबर, 1939 को अटलांटा में हुआ था, तब हैटी को अपनी ही फिल्म के प्रीमियर में आने से रोका गया, क्योंकि उन्हें गोरों के साथ होटल में जाने और ठहरने की इजाजत नहीं थी।

नाममात्र के अश्वेत कलाकारों ने बनाई जगह
मियोशी उमेकी सायोनारा (1957) के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री ऑस्कर जीतने वाली पहली एशियाई बनी थी। जबकि अब तक केवल पांच लैटिन महिलाओं को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए नामांकित किया गया हैं। गौरतलब है कि इन्हें नामांकित किया गया है लेकिन अवार्ड्स कभी नहीं मिले।

बोहेमियन रैप्सोडी (2018) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर जीतने वाले रामी मालेक अरब मूल के एकमात्र व्यक्ति हैं। वहीं आज तक केवल एक अश्वेत महिला ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक जीता है और केवल एक अश्वेत हैली बेरी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता है। वहीं सिडनी पोइटियर, जो नस्लीय बाधाओं को तोड़ते हुए 1963 में फिल्म 'लिलीज़ ऑफ द फील्ड' में अपनी भूमिका के लिए ऑस्कर के पहले अश्वेत सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बने थे।

'हॉलीवुड में ब्लैक लोगों की परिकल्पना नहीं'
दो बार ऑस्कर जीत चुके डेंजेल वॉशिंगटन को अपवाद के तौर पर देखा जाता है। इसके लिए हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में एक शोध किया गया कि आखिर श्वेत और अश्वेत कलाकारों के पात्रों के बीच इतना अंतर कैसे रह जाता है? हॉवर्ड में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करने वाले केंड्रिक ने एक जर्मन समाचार वेबसाइट को बताया कि जब हॉलीवुड की शुरुआत हुई थी, अश्वेत कलाकारों की परिकल्पना नहीं की गई थी। उन्होंने मूक फिल्म 'बर्थ ऑफ अ नेशन' का उदाहरण देते हुए कहा कि 1915 में बनी इस फिल्म में अश्वेत पात्रों को बुरे तौर पर दिखाया गया था और श्वेत पात्रों का महिमामंडन किया गया।

#OscarsSoWhite का क्या पड़ा प्रभाव
ऑस्कर अवार्ड को एकेडमी अवॉर्ड भी कहते है। यह अमेरिका अवार्ड फाउंडेशन जो 'अकैडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एवं साइंस' (AMPAS) द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है। साल 2016 में ऑस्कर की नस्लीय सूची जारी होने के बाद अकादमी ने कहा कि हम इसमें बदलाव करेंगे। हालांकि, अकादमी ने हाल के सालों में ऑस्कर विजेताओं को चुनने वाले सदस्यों की संख्या में विविधता लाने के प्रयास किये हैं।

अकादमी ने कहा कि 2020 तक वे महिलाओं और अल्पसंख्यक यानी अश्वेत सदस्यों की संख्या को दोगुना कर देंगे। ऑस्कर अकादमी ने महिला सदस्यों की संख्या 1,446 से 3,179 कर दी थी, जबकि रंग (अल्पसंख्यक) के आधार पर सदस्यों की संख्या को 554 से 1,787 तक तिगुना कर दिया है।

बता दें कि ऑस्कर अवार्ड के लिए फिल्म को चुनने का निर्णय एकेडमी के सदस्य करते हैं। इनकी संख्या 5,000 से 8,000 के बीच होती है, इन सदस्यों के नामों को कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता। ये सदस्य देश-विदेश में फिल्म जगत से जुड़े हुए लोग ही होते हैं। ऑस्कर पुरस्कार में नामांकन से लेकर पुरस्कार देने में इन्हीं लोगों का अहम स्थान होता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+