World Obesity: मोटापे से दुनिया को होगा प्रतिवर्ष $4.32 ट्रिलियन का नुकसान
हाल ही में प्रकाशित वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2023 रिपोर्ट के अनुसार यह आशंका जताई गई है कि अगले 12 वर्षों के अंदर दुनिया के 4 बिलियन यानि लगभग 51 प्रतिशत से अधिक लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं।

ओबेसिटी (Obesity) एक मेडिकल शब्द है जिसका उपयोग शरीर में फैट यानी मोटापे की अधिकता वाले व्यक्ति को परिभाषित करने के लिए किया जाता है। इसका आंकलन बॉडी मास इंडेक्स की मदद से किया जाता है। पिछले दिनों वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन ने दुनियाभर में मोटापे को लेकर एक विश्लेषण प्रकाशित किया। जिसके मुताबिक यदि अधिक वजन अथवा मोटापे की रोकथाम एवं उपचार पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो 2035 तक सालाना इससे विश्व को $4.32 ट्रिलियन डॉलर तक का आर्थिक नुकसान होगा। यह विश्व की लगभग 3 प्रतिशत जीडीपी के बराबर होगा।
रिपोर्ट के अनुसार यह आशंका जताई गई है कि अगले 12 वर्षों के अंदर दुनिया के 4 बिलियन यानि लगभग 51 प्रतिशत से अधिक लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा ओबेसिटी फेडरेशन ने बताया कि बच्चों और कम आय वाले देशों में मोटापे की समस्या खास तौर से तेजी से बढ़ रही है।
सर्वाधिक खतरा किसे
2020 से 2035 के दौरान वयस्कों में मोटापे के मामलों में 5.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि होने का अनुमान है। फेडरेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में भारतीय लड़कों में मोटापे का जोखिम 3 प्रतिशत था लेकिन 2035 तक यह 12 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। वहीं, लड़कियों में मोटापे का जोखिम साल 2020 में जहां 2 प्रतिशत था, वह अगले 15 सालों में बढ़कर 7 प्रतिशत हो जाएगा।
रिपार्ट के मुताबिक बच्चों और किशोरों में बढ़ रहा मोटापा काफी बड़ी चिंता का विषय है। साल 2020 से 2035 के बीच बच्चों में तेजी से बढ़ने का अनुमान है। अगर भारत की बात करें तो साल 2035 तक बच्चों में मोटापे के मामलों में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। मोटोपा बढ़ने के साथ-साथ बच्चों में डायबिटीज और हार्ट से संबंधित बीमारियों में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
अफ्रीकी देशों में मोटापे का कहर
रिपोर्ट में अफ्रीकी क्षेत्र में बच्चों और किशोरों में मोटापे की व्यापकता के तेजी से बढ़ने की आंकलन किया गया है। साल 2020 से 2035 की अवधि में अफ्रीकी लड़कियों में मोटापा 5 प्रतिशत से 14 प्रतिशत के बीच बढ़ेगा। जबकि अफ्रीकी महिलाओं में 2035 तक मोटापे की व्यापकता 18 प्रतिशत से बढ़कर 31 प्रतिशत (सभी महिलाओं का लगभग एक तिहाई) होने का अनुमान है।
अमेरिकी महाद्वीप भी नहीं रहेगा सुरक्षित
2020 से 2035 तक अमेरिका में बच्चों एवं किशोरों में मोटापे की व्यापकता में 20 से 33 प्रतिशत की वृद्धि देखी जाएगी। लडकियों में यह दर 26 से 27 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। उच्च बीएमआई स्तरों के कारण सालभर में होने वाला आर्थिक नुकसान $1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। गौरतलब है कि यह नुकसान अमेरिकी महाद्वीप क्षेत्र की अनुमानित जीडीपी के 3.7 प्रतिशत के बराबर होगा।
यूरोप में भी मोटापा एक महामारी
यूरोप के देशों में बच्चों एवं किशोरों में मोटापे से 2020 और 2035 की अवधि में 14 प्रतिशत लड़कियां और 21 प्रतिशत लड़के प्रभावित हो जायेंगे। जबकि यूरोपीय महिलाओं में 35 प्रतिशत और पुरुषों में 39 प्रतिशत मोटापे से ग्रसित हो जायेंगे। इस मोटापे के कारण 2035 में यूरोप को सालाना $800 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होने की संभावना है। जोकि उस समय यूरोप की कुल जीडीपी का 2.6 प्रतिशत हिस्सा होगा।
आंकलन का आधार और चेतावनी
रिपोर्ट को तैयार करने के लिए फेडरेशन ने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का उपयोग किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 25 से अधिक बीएमआई स्कोर को अधिक वजन और 30 से बीएमआई को मोटापा माना जाता है।
वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन के अध्यक्ष प्रोफेसर लुईस बाउर के अनुसार, इस साल की रिपोर्ट एक स्पष्ट चेतावनी है कि आज मोटापे को दूर करने में विफल रहने पर, हमें भविष्य में इसके गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं। बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर तेजी से बढ़ना विशेष रूप से चिंता का विषय है।












Click it and Unblock the Notifications