Rajasthan CM: कोरोना काल में अपने हाथों से लाशों को जलाया था राजस्थान के नए मुख्यमंत्री ने

राजस्थान भाजपा विधायक दल के चुने गए नए नेता भजन लाल शर्मा खांटी समाज सेवक हैं। भरतपुर संभाग के निवासी और जयपुर की सांगानेर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक भजन लाल कोरोना काल में लोगों के शवों के अंतिम संस्कार में जी जान से जुटे रहे।

स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता सुनील चतुर्वेदी ने वनइंडिया को बताया कि कोरोना के समय उनकी मां का निधन हो गया था। उस समय कोई नजदीकी रिश्तेदार भी घर पर नहीं आ रहा था। जब भजन लाल शर्मा को इसकी जानकारी मिली तो रात को ही अपने दोनों पुत्रों के साथ मेरे घर आए और मना करने के बावजूद वे मेरी मां के शव को कंधा दिया और शमशान तक गए। उस समय उन्होंने कई परिवारों के लिए इसी तरह सहयोग किया।

Bhajan lal sharma News

संगठन से लंबा जुड़ाव

भजन लाल का भाजपा में प्रवेश युवा मोर्चा के जरिए हुआ। फिर पार्टी में तीन बार भरतपुर जिले के अध्यक्ष रहे हैं। एक बार प्रदेश उपाध्यक्ष रहे और चार बार महामंत्री रहे। अपने गांव में सरपंच भी रहे हैं। हालांकि संघ का कोई औपचारिक शिक्षण नहीं लिया, लेकिन संघ के संपर्क में हमेशा रहे हैं। भजन लाल शर्मा एक पारिवारिक जीवन बिताते हैं। पत्नी गीता देवी के अलावा इनके दो बेटे भी हैं। बड़ा बेटा अभिषेक है, तो छोटा बेटा डॉक्टर कुणाल। 2019 से लेकर 2021 जून तक वह क्षेत्र में बने रहे और हर कोरोना पीड़ित तक सहायता पहुंचाने की कोशिश की।

हर वर्ग के लिए काम करते हैं

भजन लाल समाज के हर वर्ग के काम में बराबर सक्रिय रहे। जब वह गांव के सरपंच थे और रामदास अग्रवाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, तब उन्होंने वर्षों से दलित बस्तियों में चल रही समस्याओं के समाधान का बीड़ा उठाया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष रामदास को दलितों की बस्ती में बुलाया और खुद चार दिन तक उनकी बस्तियों में जमे रहे। जब तक पानी और जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं हुआ, वह बस्ती से गए नहीं। सरपंच के रूप में उनका कार्यकाल बेहद सफल रहा। उनके काम को देखते हुए ही भाजपा ने उन्हें प्रदेश पदाधिकारी बनाया। सबसे बड़ी बात कि वह भाजपा के उन नेताओं में हैं जिन पर कोई गंभीर आपराधिक मुकदमा नहीं चल रहा है।

भाजपा के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं

भजन लाल शर्मा एक बार सामाजिक न्याय मंच के बैनर तले भी चुनाव लड़ चुके हैं। बात उन दिनों की है, जब भजन लाल भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य रहते हुए भी बीजेपी के खिलाफ लड़े। आज से लगभग 25-30 साल पहले देवीसिंह भाटी ने सामाजिक सुरक्षा मंच बनाया था, तब भजन लाल शर्मा उनके टिकट पर पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़े थे। लेकिन पिछले काफी समय से वह भाजपा में बेहद सक्रिय हैं और पार्टी संगठन के साथ लगातार काम कर रहे हैं। एक ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने के बावजूद वह समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कभी ब्राहमण नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश भी नहीं की।

भजन लाल शर्मा भी अब मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए वह काम करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें तमाम वरिष्ठ नेताओं से सहयोग की जरूरत होगी। हालांकि उनके समर्थक का दावा है कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं का उनको आर्शीवाद प्राप्त हैं और कनिष्ठों का सहयोग। इसके अलावा वह संगठन में लंबे समय से काम करते आ रहे हैं। उन्हें किसी भी तरह का कोई असहयोग नहीं मिलेगा। भाजपा संगठन से जुड़े तमाम नेताओं का कहना है कि भजनलाल शर्मा का मुख्यमंत्री के रूप में चयन यह सिद्ध करता है कि सामान्य से सामान्य कार्यकर्त्ता बड़े से बड़े दायित्वों को निभा सकता है और पार्टी किसी भी सामान्य कार्यकत्ता को जिम्मेदारी दे सकती है।

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