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National Voters' day: जानिए क्‍या है राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस और इसकी अहमियत

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नई दिल्‍ली। आज देश नौवां राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस यानी नेशनल वोटर्स डे मना रहा है। इस वर्ष के राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस की थीम है, 'नो वोटर्स टू बी लेफ्ट बीहाइंड' यानी कोई भी मतदाता पीछे नहीं छूटना चाहिए। यह दिन देश के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है। इस वर्ष भी मानकेशॉ सेंटर में राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस पर कार्यक्रम का आयोज‍न किया गया था। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद इस कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि थे। उन्‍होंने 18 वर्ष की आयु वाले मतदाताओं से अपील की है कि वे आने वाले चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लें।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाया जाता है

राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाया जाता है

25 जनवरी 1950 को देश में चुनाव आयोग की स्‍थापना हुई थी। इसलिए ही इस तारीख को राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस के तौर पर चुना गया था। उसके बाद से हर वर्ष 25 जनवरी को आयोजित होने वाला यह दिन जनता को चुनाव और उनके मताधिकार की देश के निर्माण में क्‍या अहमियत है इस बारे में बताता है। पहला नेशनल वोटर्स डे 25 जनवरी 2011 को आयोजित किया गया था। इस वर्ष यह दिन इसलिए और ज्‍यादा खास है क्‍योंकि करीब तीन माह बाद ही देश में आम चुनाव होने हैं और कई मतदाता ऐसे होंगे जो पहली अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

फेसबुक भी हुआ एक्टिव

फेसबुक भी हुआ एक्टिव

मनीकंट्रोल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिकसोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक की ओर से भी यूजर्स को एक रिमाइंडर भेजा गया था। फेसबुक ने वोट डालने योग्‍य इंडियन यूजर्स से अपील की कि अगर उनका रजिस्‍ट्रेशन नहीं हो पाया है तो इस दिन अपने पास के बूथ पर जाकर रजिस्‍ट्रेशन जरूर करा लें। फेसबुक की ओर से 13 अलग-अलग भाषाओं में यूजर्स को नोटिफिकेशंस भेजे गए। फेसबुक की ओर से यूजर्स को हिंदी और इंग्लिश के अलावा मराठी, गुजराती, तमिल, तेलगु, पंजाबी, उर्दू, मलयालम, कन्‍नड़, बंगाली, असमी और उड़‍िया भाषा में रिमाइंडर भेजा गया।

साल 2009 में तैयार हुई रणनीति

साल 2009 में तैयार हुई रणनीति

साल 2009 में जब आम चुनाव होने वाले थे तो उस समय आयोग ने युवा मतदाताओं को देश की निर्वाचन प्रक्रिया से रूबरू कराने के लिए एक रणनीति तैयार की। इस रणनीति के तहत कई नीतियों, कई कार्यक्रमों और कई तरह की गतिविधियों को जगह दी गई थी। चुनाव आयोग ने उस रणनीति को सिस्‍टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्‍ट्रोरल पार्टिसिपेशन नाम दिया था। इसे संक्षिप्‍त रूप में स्‍वीप कहा गया। राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्‍सों में कैंप लगाकर लोगों को चुनावी प्रक्रिया के बारे में बताया जाता है। इसके अलावा उन्‍हें इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर जागरूक भी किया जाता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य

राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर चुनाव आयोग का लक्ष्‍य वोटिंग लिस्‍ट में मतदाताओं को शामिल करना है, खासतौर पर नए मतदाताओं को। चुनाव आयोग एक स्‍वायत्‍ता संस्‍था है जिस पर देश के अलग-अलग हिस्‍सों में चुनाव आयोजित करने की जिम्‍मेदारी है। चुनाव आयोग लोकसभा और राज्‍यसभा के अलावा राज्‍यों के चुनावों के अलावा राष्‍ट्रपति और उप-राष्‍ट्रपति के चुनाव का भी जिम्‍मा है।

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English summary
National Voters' Day: Know the importance and history of this day.
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