हर साल 100 से ज्यादा Bank Holidays, हड़ताल वाले दिन अलग से, कितना पड़ता है देश पर असर?
इस साल भारतीय बैंकों में लगभग 100 दिनों का अवकाश रहेगा। बैंकों में त्यौहार, किसी महत्वपूर्ण दिन और दूसरे/चौथे शनिवार सहित रविवार को अवकाश होता हैं।

इस मई के महीने में कुल 12 दिनों का बैंक अवकाश रहेगा। इन अवकाशों में त्यौहार, महत्वपूर्ण दिन, रविवार और दूसरा/चौथा शनिवार भी शामिल हैं। मई में महाराष्ट्र दिवस, बुद्ध पूर्णिमा, महाराणा प्रताप जयंती आदि अवकाश भी शामिल है। हालांकि ये सभी स्थानीय पर्व है जिसकी वजह से ये छुट्टियां सभी राज्यों में नहीं होंगी।
इन अधिकारिक अवकाशों के अलावा, सालाना हड़तालों के चलते भी बैंक कर्मचारी काम पर नहीं आते। हालांकि, इस विषय पर कोई स्टडी अभी तक सामने नहीं आई है कि सालाना 100 से अधिक अवकाशों के चलते आर्थिक रूप से देश पर कितना प्रभाव पड़ता है?
साल 2023 में कितने दिन हैं बैंक बंद?
अगर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां साल 2023 में कुल 95 दिन बैंक बंद रहेंगे। जिसका मतलब है कि लगभग एक चौथाई से ज्यादा दिनों में कोई कामकाज नहीं होगा। इसमें 53 छुट्टियां रविवार की और 24 छुट्टियां दूसरे और चौथे शनिवार की हैं। बाकी बची हुई सभी 18 छुट्टियां किसी न किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिवस से जुड़ी हैं। जबकि पिछले साल दिल्ली में 92 दिन बैंक का काम नहीं हुआ। इसके अलावा 8 दिन हड़ताल के चलते बैंक बंद रहे। वैसे कई राज्यों में वहां के स्थानीय त्योहारों के अनुरूप भी बैंक अवकाश होते हैं, जैसे 1 मई 2023 को महाराष्ट्र दिवस था, जिसके लिए महाराष्ट्र के सभी बैंक बंद थे लेकिन दिल्ली में या किसी अन्य राज्य में महाराष्ट्र दिवस पर कोई बैंक अवकाश नहीं था।
भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा बैंक अवकाश?
साल 2023 में भारत के जिस राज्य में सबसे ज्यादा बैंक अवकाश हैं वह हरियाणा है। राज्य में कुल 106 बैंक अवकाश है। जबकि सबसे कम बैंक अवकाश नागालैंड में है। यहां कुल 94 दिनों का बैंक अवकाश रहेगा। इसके अलावा गोवा में 95, उत्तराखंड में 97, बिहार में 97, अरुणाचल प्रदेश में 98, तमिलनाडु में 98, मणिपुर में 98, आसाम में 98, आंध्र प्रदेश में 98, केरल में 98, झारखंड में 98, पश्चिम बंगाल में 99, पंजाब में 100, मेघालय में 101, छत्तीसगढ़ में 101, हिमाचल प्रदेश में 101, उत्तर प्रदेश में 101, मध्य प्रदेश में 101, महाराष्ट्र में 102, कर्नाटक में 102, मिजोरम में 103, गुजरात में 103, त्रिपुरा में 103, राजस्थान में 104, सिक्किम में 105, तेलंगाना में 105, और ओडिशा में 105 दिनों का बैंक अवकाश है।
देश को बैंक अवकाश की वजह से कितना नुकसान?
हालांकि ऐसा कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है जो बताता हो कि बैंक अवकाश के कारण देश की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान होता है? लेकिन 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन की बैंक हड़ताल के कारण देश को लगभग ₹19,000 करोड़ का घाटा होता है। इसी प्रकार एक दिन बैंक अवकाश की वजह से उन व्यवसायों की आय को नुकसान होता है जो भुगतान, ऋण और नकद प्रबंधन जैसी बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।
क्या विदेश के बैंकों में भी भारतीय बैंकों जितने बैंक अवकाश?
अगर बात की जाए अमेरिका की तो वहां के बैंकों में भारत की तरह दूसरे और चौथे शनिवार बैंक अवकाश नहीं होता। वहां पर बैंक सोमवार से शुक्रवार तक सामान्य समय पर काम करते हैं। इतना जरुर है कि शनिवार के दिन वहां पर बैंक एक सीमित समय तक ही काम करते है। उदाहरण के तौर पर, बैंक ऑफ अमेरिका को लिया जा सकता है। वह इस दिन सुबह 9:00 से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक ही काम करता है।
अमेरिका के बैंकों में भारतीय बैंकों जितने अवकाश भी नहीं होते हैं। साल 2023 में अमेरिका में त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों के लिए केवल 16 दिन बैंक अवकाश है। अगर इन 16 दिनों में साल भर के रविवार भी मिला दिए जाए तो कुल 69 बैंक अवकाश होते है जो भारतीय बैंक अवकाश के मुकाबले 26 दिन कम हैं।
क्या भारत में बहुत अधिक हैं बैंक अवकाश?
भारत में बहुत ज्यादा बैंक अवकाश होते हैं और यह कई बार बहस और चर्चा का विषय रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2022 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बैंक अवकाशों की संख्या कम करने का सुझाव भी दिया था। विशेषज्ञों का तर्क है कि बहुत अधिक बैंक अवकाश से अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। हालांकि, कई लोग तर्क देते है कि छुट्टियां भारतीय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें रखा जाना चाहिए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत विविधता वाला देश है जहां विभिन्न क्षेत्रों में कई त्योहार और महत्वपूर्ण दिन मनाए जाते हैं, जिसके कारण बैंकों को अपने कर्मचारियों को अवकाश देना पड़ता है।












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