आनंदीबेन पटेल: स्कूल टीचर से गुजरात की सीएम तक का सफर
अहमदाबाद। गुजरात की पहली महिला सीएम आनंदीबेन पटेल ने अपनी पोस्ट से इस्तीफा देने की पेशकश की है क्योंकि उनका कहना है कि वो नवंबर में 75 साल की हो जायेंगी इसलिए उन्हें पदमुक्त किया जाये। आनंदीबेन ने ये बात अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर लिखी है।
नरेन्द्र मोदी के पीएम बनने के बाद आनंदीबेन को गुजरात का सीएम बनने का मौका मिला था। आनंदीबेन की छवि एक स्वच्छ, सौम्य और समझदार नेता के रूप में रही है।
आईये डालते हैं आनंदीबेन के जीवन परिचय पर एक नजर...
- आनंदीबेन पटेल का जन्म 21 नवम्बर 1941 को गुजरात के मेहसाणा जिले के विजापुर तालुका के खरोद गांव में हुआ था।
- उनका पूरा नाम आनंदी बेन जेठाभाई पटेल है।
- स्कूली शिक्षा के दौरान एथलेटिक्स में अच्छी होने के कारण उन्हें वीर वाला पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- वर्ष 1960 में उन्होंने विसनगर के भीलवाई कॉलेज से उन्होंने विज्ञान विषय में स्नातक किया था।
- 1970 में प्राथमिक शिक्षक के रूप में अहमदाबाद के मोहनीबा कन्या विद्यालय में अध्यापन कार्य करने लगीं।
- आनंदीबेन इस विद्यालय की प्रधानाचार्या भी थीं।
- 1987 में वो भारतीय जनता पार्टी से जुड़ीं।
- आनंदीबेन पटेल ने राज्यसभा के सांसद के तौर पर वर्ष 1994 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
- वर्ष 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उनका पूरा फोकस गुजरात पर ही हो गया।
- 1998 में कैबिनेट में आने के बाद से उन्होंने शिक्षा और महिला एवं बाल कल्याण जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला।
- उन्हें वर्ष 1987 में 'वीरता पुरस्कार' से भी नवाजा जा चुका है।[
- आनंदीबेन 1998 से 2007 तक गुजरात सरकार में कबीना मंत्री के तौर पर शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल कल्याण, खेल और राजस्व मंत्री का कार्य संभालती रहीं हैं।













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