International Museum Day 2020: आखिर क्यों मनाया जाता है संग्रहालय दिवस, क्या है इसका इतिहास
नई दिल्ली। आज अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस ( International Museum Day ) है। यह दिन हर साल 18 मई को मनाया जाता है। इसे सबसे पहले साल 1983 में मनाया गया था। इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हर साल मनाया जाने लगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को संग्रहालय और पुरानी चीजों की महत्ता के प्रति जागरूक करना होता है। इस दिन भारत में भी कई संग्रहालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इस तरह के कार्यक्रमों में लोगों को संग्रहालय के बारे में विस्तार से बताया जाता है। हालांकि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा रहे हैं। लेकिन लोग वेबिनार कर इस उत्सव को मना रहे हैं। इस खास दिन के इतिहास की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र संघ ने 18 मई, 1983 को संग्रहालय की महत्ता को समझते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें हर साल अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाने की बात कही गई थी।
इस दिन को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करने के अलावा विभिन्न देशों की पुरातन संस्कृति और इतिहास को जीवित रखना भी है। जिसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद करती है, जो दुनियाभर के सभी देशों की संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के लिए कटिबद्ध है। इसकी स्थापना साल 1977 में की गई थी। वहीं इस खास दिन के महत्व की बात करें तो सभ्यता और संस्कृति को संजोए रखने में संग्रहालय की ही प्रमुख भूमिका होती है। अगर संग्रहालय न होते तो आज इतिहास विस्मृत कैसे होता। संग्रहालयों से हमें न केवल अपने इतिहास को जानने का मौका मिलता है, बल्कि सभ्यता और संस्कृति का भी ज्ञान मिलता है।
वहीं अपने देश भारत की बात करें तो यहां सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में संग्रहालय मौजूद हैं। जहां इतिहास, सभ्यता और संस्कृति को जानने का मौका मिलता है। कोलकाता संग्रहालय की गिनती देश के सबसे पुराने संग्रहालयों में होती है, जिसकी स्थापना 1814 में हुई थी। जबकि देश में सबसे अधिक संग्रहालय मध्य प्रदेश राज्य में है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में भी संग्रहालय मौजूद हैं।












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