जन्मतिथि विशेष: 'गुरूदेव' रविंद्र नाथ टैगोर के बारे में जानें खास बातें
बैंगलुरू। आज महान कवि और लेखक गुरूदेव रविंद्र नाथ टैगोर का जन्मदिन है। आईये प्रकृति के इस महान कवि, साहित्यकार, दार्शनिक के बारे में जानते हैं कुछ खास बातें..
जानिए टैगोर के लिए राष्ट्रगान जन गण मन... के एक-एक शब्द का मतलब

- गुरूदेव रविंद्र नाथ टैगोर का जन्मदिन 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी में हुआ था।
- उनके पिता का नाम देवेन्द्रनाथ टैगोर और माता का नाम शारदा देवी था।
- रविंद्र नाथ टैगोर बैरिस्टर बनना चाहते थे इसलिए वो लन्दन विश्वविद्यालय में कानून पढ़ने गये थे लेकिन 1880 में बिना डिग्री हासिल किए ही स्वदेश वापस आ गए थे।
- रविंद्र नाथ टैगोर की पत्नी का नाम मृणालिनी देवी था।
- टैगोर ने अपनी पहली कविता मात्र आठ साल की उम्र में लिखी थी।
- 1877 में केवल सोलह साल की उम्र में उनकी लघुकथा प्रकाशित हुई थी।
- टैगोर ने करीब 2,230 गीतों की रचना की।
- वे एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं। (1) भारत का राष्ट्र-गान जन गण मन (2) बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान आमार सोनार।
- गुरुदेव ने जीवन के अंतिम दिनों में चित्र बनाना शुरू किया था।
- उनकी काव्यरचना गीतांजलि के लिये उन्हे सन् 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था।
- टैगोर एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं।
'गुरूदेव' रविंद्र नाथ टैगोर के बारे में जानें खास बातें












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