भारत के अच्छे दिन आने के सपने को तोड़ सकती है संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट
नई दिल्ली। क्या भारत में 'अच्छे दिन' सिर्फ अमीरों के लिए हैं या नई सरकार से उम्मीद की जा सकती है कि देश के करोड़ों गरीब को भी उनका हक मिलेगा ?
संयुक्त राष्ट्र के रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर गरीबी के मामले में भारत सबसे पहले नंबर पर आता है।
जी हां, विश्व के 32.9 प्रतिशत गरीब भारत में रहते हैं। जो कि चीन, नाइजीरिया और बांग्लादेश जैसे देशों से भी ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र के मिलेनियम विकास लक्ष्य की रिपोर्ट के मुताबिक 1990 से 2010 तक में दक्षिण पूर्वी देशों में गरीबी दर में काफी गिरावट आयी है। 1990 में जहां यह दर 45 प्रतिशत था, 2010 में यह 14 प्रतिशत तक आ गया। लेकिन इस विकास के बावजूद भारत में इस दिशा में काफी सक्रिय उठाने की जरूरत है।
वहीं, सिर्फ गरीबी ही नहीं बाल मृत्यु दर के मामले में भी भारत इस सूची में पहले स्थान पर है। 2012 में दुनिया भर के 6.6 मिलियन बच्चों की मृत्यु में से सिर्फ दक्षिण एशिया में ही 2.1 मिलियन बाल मृत्यु की रिपोर्ट सामने आई थी।
देखते हैं आगे की स्लाइड्स में इस रिपोर्ट से जुड़ी जानकारियां।

32.9 प्रतिशत गरीबी भारत में
वैश्विक गरीबी का 32.9 प्रतिशत हिस्सा भारत में है। मतलह कि दुनिया के 1.2 बिलियन अति गरीबों में से एक-तिहाई भारत में रहते हैं।

चीन में 13 प्रतिशत हैं गरीब
वहीं. चीन में विश्व के 13 प्रतिशत गरीब है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक चीन ने पिछले एक दशक में गरीबी दर को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

9 प्रतिशत हैं गरीब
नाइजीरिया विश्व की गरीबी का 9 प्रतिशत हिस्सा रहता है।

5 प्रतिशत हैं गरीब
वहीं, बांग्लादेश में पांच प्रतिशत गरीब रहते हैं। मिलेनियम विकास लक्ष्य के तहत यहां भी गरीबी को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। लेकिन 2015 तक गरीबी खत्म करने के लिए इसे और सक्रिय होने की जरूरत है।

डिमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो
डिमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में भी दुनिया भर के पांच प्रतिशत गरीब रहते हैं।

45 से 14 प्रतिशत
दक्षिण पूर्वी एशिया में 1990 से 2010 तक में गरीबी दर 45 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक गिर चुकी है। 2015 तक इन देशों में गरीबी दर और कम करना यू एन के लक्ष्यों में शामिल है।

भारत में सबसे ज्यादा बाल मृत्यु दर
बाल मृत्यु दर मामले में भी भारत सूची में सबसे पहले नंबर पर आता है। यहां 1.4 मिलियन बच्चे की मृत्यु पांच साल के पहले ही हो जाती है।

दक्षिण पूर्वी एशिया में गरीबी हुई कम
1990 से 2010 के बीच दक्षिण पूर्वी एशिया में गरीबी काफी हद तक कम हुई है। इसका दर 45 प्रतिशत से गिरकर 14 प्रतिशत तक हो गया है।












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