मां-बाप को दिलाना था प्यार का विश्वास, हिन्दू लड़की मुस्लिम लड़के ने की चार बार शादी
फैज रहमान और अंकिता अग्रवाल ने एक-दूसरे के घरवालों के सारे कंफ्यूजन दूर किए और तब शादी की, वो भी एक बार नहीं बल्कि चार बार।
नई दिल्ली। देश में हिन्दू और मुस्लिमों के बीच लगातार आती तनाव की खबरों के बीच दूसरे धर्म में शादी के लिएवमाता-पिता को मनाना आज के समय में टेढी खीर है। ऐसे में मुंबई के इस कपल ने जो तरीका अपनाया वो कमाल का है। फैज रहमान और अंकिता अग्रवाल ने एक-दूसरे के घरवालों के सारे कंफ्यूजन दूर किए और तब शादी की, वो भी एक बार नहीं बल्कि चार बार।

अंकिता और फैज ने आईआईएम से एमबीए करते हुए पहली बार एक-दूसरे को देखा और पहली नजर में दोनों को प्यार हो गया। दोनों ने बहुत जल्दी ही साथ में जीने का फैसला कर लिया लेकिन बीच में आ गया मजहब। एक हिन्दू और दूसरा मुस्लिम। दोनों ने घरों पर बात की तो परिवार के लोगों ने हाथ खड़े कर दिए। फैज ने तो अपने परिवार को मना लिया लेकिन अंकिता के परिवार वाले मानने को तैयार ना थे और इसकी वजह थी उनकी मुसलमानों रीति-रिवाजों को लेकर चिंताएं।
जब अंकिता के घर पहुंचे फैज
आखिर एक दिन फैज अंकिता के घर जा पहुंचा क्योंकि दोनों शादी घरवालों की मर्जी से ही करना चाहते थे। अंकिता उस दिन को कुछ यूं बताती हैं, "फैज अचानक मेरे घर पहुंच गया और पापा तो उसे देखकर एकदम अंचभे में थे। इसके बाद फैज ने पापा और मम्मी से बात की. फैज ने कहा कि वो ना तो अंकिता का मजहब बदलवाएगा, ना उसे कभी गोश्त खाने को कहेगा और ना ही बुर्का। ये सब तो ठीक लेकिन मेरे घरवालें मुस्लिमों में मर्दों को चार शादी की इजाजत से भी परेशान थे। इसका भी फैज ने तोड़ निकाल लिया"
फैज ने कहा कि वो अंकिता से ही चार बार शादी करेंगे, जिसके बाद वो किसी और से शादी कर ही नहीं पाएंगे। सबसे पहले दोनों ने 17 फरवरी 2015 को मुंबई के राम मंदिर में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की। ये एक्ट मुस्लिमों को चार शादी की इजाजत नहीं देता है।
इसके बाद दोनों ने निकाह किया और वहां के हिन्दू रीति-रिवााजों के तहत शादी की। इसके बाद दोनों ने मंडप में सात फेरे लिए। दोनों की शादी को दो साल हो गए हैं और अंकिता कहती हैं कि फैज जितना प्यार उन्हें करते हैं वो उनके लिए किसी ख्वाब में जीने जैसा है।












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