भारत से जुड़े 8 ऐसे सबसे बड़े झूठ जिसे हम सच मानते आ रहे हैं
नई दिल्ली। भारत से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं जिन्हें हम हमेशा से सही मानते आ रहे हैं, उसे सच मानकर बैठे हैं। लेकिन आप में से कई लोगों को ऐसा नहीं पता होगा कि जिसे आप आजतक सच मानते आ रहे हैं लेकिन आज हम आपको उन सच के बारे में बतायेंगे जोकि वास्तव में यह झूठ हैं।
दरअसल जिन तथ्यों को हमें बचपन से ही सही बताया जा रहा है और हम उन्हें सही मानते आ रहे हैं। हमे शुरु से ही हॉकी को देश का राष्ट्रीय खेल बताया गया है यही नहीं एनसीईआरटी की किताबों में भी हमें यही पढ़ाया गया है कि हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है जबकि हाल ही में आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ है कि हॉकी को देश का राष्ट्रीय खेल कभी घोषित ही नहीं किया गया है।
ऐसी ही कुछ बातें जिसे हम सच मानते आ रहे हैं जबकि हकीकत में वो कभी सच था ही नहीं-

मिल्खा सिहं ने रेस के दौरान पीछे मुड़कर देखा था
फ्लायिंग सिख मिल्खा सिंह ने देश ही नहीं दुनिया में अपनी रफ्तार के लिए जाने जाते हैं। आप आजतक सुनते आये होंगे कि मिल्खा सिंह ने 1960 में रोम ओलंपिक में रेस के दौरान वह सबसे आगे थे और इस दौरान उन्होंने पीछे मुड़कर देखा था। जबकि हकीकत यह है कि मिल्खा सिंह इस रेस में पांचवी लेन में थे अपने जबरदस्त प्रयास के बाद वह इस रेस में चौथे स्थान पर रहे थे।

एक आंख के बदले एक आंख दुनिया को अंधा बना देगी- महात्मा गांधी
महात्मा गांधी ने अपने संदेशों के जरिए देश ही नहीं दुनियाभर में जागरुकता फैलायी है। उनके एक लाइन में कहे गये वाक्य दुनियाभर में विख्यात हैं। लेकिन 'An eye for an eye would leave the whole world blind' इस वाक्य को जिसे आप महात्मा गांधी का मानते आ रहे हैं वह दरअसल गांधी फिल्म में बेन किंग्स्ले ने कही थी। और इस बारे में ऐसा कोई भी तथ्य मौजूद नहीं है कि महात्मा गांधी ने यह वाक्य कहा था।

हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है
आप सभी हॉकी को देश का राष्ट्रीय खेल मानते आ रहे हैं काफी सालों से। लेकिन एक आरटीआई के जवाब में इस बात का खुलासा हुआ है कि हॉकी को देश के राष्ट्रीय खेल के तौर पर कभी घोषित नहीं किया गया है। बावजूद इसके हम और आप एनसीईआरटी की किताबों में हॉकी को देश के राष्ट्रीय खेल के तौर पर पढ़ते आ रहे हैं।

वाराणसी दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है
वाराणसी को दुनिया का सबसे प्राचीन शहर माना जाता है। जबकि यह सच नहीं है बल्कि 30 ऐसे और शहर हैं जो वाराणसी से पहले अस्तित्व में आये। ये सबी शहर 1100 बीसी से पहले अपने अस्तित्व में आये जब वाराणसी शहर की स्थापना हुई थी।

आजादी के बाद से ही देश सेक्युलर है
हम शुरु से ऐसा मानते आ रहे हैं कि देश आजादी के बाद से ही सेक्युलर देश है। जबकि हकीकत यह है कि देश के संविधान की प्रस्तावना में 1947 में सेक्युलर शब्द का कोई जिक्र नहीं किया गया था। बल्कि 1976 में संवैधानिक संशोधन के बाद सेक्युलर शब्द को संविधान में शामिल किया गया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी यह कहा था कि भारत हमेशा से सेक्युलर देश रहा है जबकि संविधान कुछ और कहता है।

हिंदी देश की एकमात्र आधिकारिक भाषा है
पंजाबी, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड़, अंग्रेजी सहित 20 से अधिक ऐसी भाषायें है जिन्हें देश की आधिकारिक भाषा के तौर पर घोषित किया गया है। यही नहीं सभी राज्यों को अपनी भाषा के प्रचार-प्रसार की इजाजत दी गयी है।

महात्मा गांधी मॉडल के साथ नृत्य कर रहे हैं
इस तस्वीर में महात्मा गांधी को नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि हकीकत यह है कि गांधी जैसे दिखने वाला यह व्यक्ति ऑस्ट्रेलिया का अभिनेता है जिसने गांधी जी की तरह वेषभूषा धारण कर रखी है।

अयोध्या रामायण के काल से ही अस्तित्व में है
अयोध्या को राजा विक्रमादित्य ने बसाया था और यह शहर रामायण के काल से अपने अस्तित्व में नहीं है। बल्कि आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि थाइलैंड में भी अयोध्या के नाम से एक शह है जिसके बारे में भी यही कहा जाता है कि यही पौराणिक राम का शहर है।












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