जानिए आतंकियों को मिट्टी में मिलाने वाली स्‍वाट फोर्स के बारे में

वाशिंगटन। एक माह पहले फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए आतंकी हमलों और उससे पहले भारत के गुरदासपुर में हुए आतंकी हमलों में आपने एक शब्‍द सुना, स्‍वाट टीमें। आज जब आतंकवाद का खतरा दुनिया के हर देश पर बढ़ गया तो इस खास टीम की अहमियत काफी बढ़ गई है।

दरअसल स्‍वाट टीमें उन बेस्‍ट कमांडोंज का एक पूरा ग्रुप होती हैं जिन्‍हें आतंकियों या फिर बड़े अपराधियों से निबटने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाती है।

इस खास फोर्स की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में हुई थी। पहली स्‍वाट टीम का गठन अमेरिका ने वर्ष 1960 में किया था और उस समय उसका मकसद फायरिंग करके भाग जाने वाले लोगों को पकड़ना था।

लेकिन बाद में अमेरिकी स्‍वाट टीमें ड्रग्‍स माफियाओं से निबटने के लिए स्‍पेशल फोर्सेज में तब्‍दील हो गईं। फिर आया 9/11 और इसके बाद अमेरिका ने स्‍वाट फोर्स का प्रयोग काउंटर टेररिज्‍म के लिए स्‍पेशलाइज्‍ड फोर्सेज के तौर पर भी करना शुरू किया।

9/11 के बाद पूरी दुनिया में काउंटर टेररिज्‍म पर बहस हुई। इसके साथ ही फ्रांस और ब्रिटेन ने अपने यहां पर खासतौर पर इस तरह की टीमों को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी।

भारत में जुलाई में गुरदासपुर में हुए आतंकी हमलों में आपने पंजाब पुलिस की स्‍पेशल स्‍वाट फोर्स का नाम पहली बार सुना था। आइए आज आपको हम स्‍वाट टीम से जुड़े कुछ खास तथ्‍यों के बारे में बताते हैं।

हर वर्ष होती है स्‍वाट टीमों की तैनाती

हर वर्ष होती है स्‍वाट टीमों की तैनाती

9/11 के बाद से अमेरिका काफी सतर्क हो गया है और आजकल इस देश पर आईएसआईएस की ओर से बड़े आतंकी हमलों का खतरा बरकरार है। इसके अलावा आए दिन होने वाली फायरिंग भी अब अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। लेकिन किसी भी खतरे से निबटने के लिए प्रति वर्ष अमेरिका में 50,000-80,000 टीमों की तैनाती होती है।

भीड़ से निबटने की भी पूरी तैयारी

भीड़ से निबटने की भी पूरी तैयारी

आतंकवाद से जुड़े खतरों, अनियंत्रित भीड़ या फिर इस तरह की स्थितियों में स्‍वार्ट टीमों को डेप्‍लॉय करने के लिए उन्‍हें कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण का सबसे अहम हिस्‍सा होता है उन्‍हें मिलिट्री टाइप हार्डवेयर से लैस करना।

लेकिन पुलिस यूनिट का हिस्‍सा

लेकिन पुलिस यूनिट का हिस्‍सा

अमेरिका के बाद आज कई देशों ने स्‍वाट टीमों का गठन कर लिया है। लेकिन इन देशों में स्‍वाट टीमें पैरामिलिट्री पुलिस यूनिट्स यानी पीपीयू के तहत आती हैं और इन्‍हें स्‍वाट पुलिस फोर्स भी कहा जाता है। पंजाब के गुरदासपुर में आपने पंजाब पुलिस की इसी स्‍वाट पुलिस फोर्स का नाम सुना था।

सिर्फ कुछ सेकेंड्स में काम तमाम

सिर्फ कुछ सेकेंड्स में काम तमाम

स्‍वाट यूनिट्स को अधिकतर स्‍पेशलाइज्‍ड सबमशीन गन, असॉल्‍ट राइफल, ब्रीचिंग शॉटगन, स्‍नाइपर राइफल, दंगे रोकने वाले उपकरण और स्‍टेनग्रेनेड्स होते हैं। इसके अलावा हैवी बॉर्ड आर्मर, बैलेस्टिक शील्‍ड्स, एंट्री टूल्‍स, आर्मर्ड व्‍हीकल्‍स, एडवांस्‍ड नाइट विजन डिवाइसेज और मोशन डिटेक्‍टर्स होते हैं। यह सभी चीजें बंधक संकट या फिर आतंकी हमलों के नाजुक मौकों पर काफी मदद करती हैं।

पुलिस डिपार्टमेंट से जुड़ी हर जानकारी जरूरी

पुलिस डिपार्टमेंट से जुड़ी हर जानकारी जरूरी

स्‍वाट ऑफिसर्स को किसी देश की लॉ-एनफोर्समेंट ऑर्गनाइजेशंस से ही चुना जात है। एक तय सीमा की सेवा विभाग को देने के बाद अधिकारी स्‍वाट टीम के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं। विभाग में एक तय समय का कार्यकाल पूरा करने के बाद स्‍वाट ऑफिसर को पुलिस विभाग और नीतियों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।

पूरी तरह से होना चाहिए फिट

पूरी तरह से होना चाहिए फिट

स्‍वाट टीम का अधिकारी बनने के लिए व्‍यक्ति को काफी कड़ी चयन प्रक्रियार और ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। शारीरिक क्षमता के अलावा लिखित, मौखिक और मनोवैज्ञानिक टेस्‍ट में पास होना काफी जरूरी है। मनो‍वैज्ञानिक टेस्‍ट के लिए उन्‍हें कई तरह की रणनीतिक ऑपरेशन से जुड़े टेस्‍ट से गुजरना होता है। इस दौरान उन्‍हें डॉग स्‍क्‍वॉयड को हैंडल करने , एक्‍सप्‍लोसिव्‍स और स्‍नाइपर की ट्रेनिंग भी दी जाती है।

पंजाब पुलिस की स्‍वाट टीम बनी फेवरिट

पंजाब पुलिस की स्‍वाट टीम बनी फेवरिट

भारत में अभी तक कम ही मौकों पर स्‍वाट टीम का नाम सुना गया है। पंजाब के गुरदासपुर में जुलाई में जब आतंकी हमला हुआ तो पंजाब पुलिस की स्‍वाट टीम ने लीड किया। इस टीम ने हथियारों से लैस सभी आतंकियों को मार गिराया था। 11 घंटे तक चले ऑपरेशन में 28 कमांडोज की स्‍वाट टीम ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया था।

वर्ष 2010 में बनी थी पंजाब पुलिस की स्‍वाट टीम

वर्ष 2010 में बनी थी पंजाब पुलिस की स्‍वाट टीम

वर्ष 2010 में इजरायल की एक कंपनी को पंजाब पुलिस की एक स्‍वाट टीम को ट्रेनिंग का जिम्‍मा मिला था। पंजाब पुलिस की टीम असॉल्‍ट राइफल, सपोर्ट वेपेंस, बुलेट प्रूफ ट्रांसपोर्ट और लाइट वेट बुलेट प्रूफ जैकेट्स और हेलमेट से लैस है।

तो क्‍या अब भारत में भी होगा स्‍वाट फोर्स

तो क्‍या अब भारत में भी होगा स्‍वाट फोर्स

गुरदासपुर के बाद इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि क्‍यों न पंजाब पुलिस से प्रेरणा लेते हुए अब देश में एनएसजी की जगह पर स्‍वाट टीमों को तैयार किया जाए।

फ्रांस और ब्रिटेन जुटे प्रोजेक्‍ट में

फ्रांस और ब्रिटेन जुटे प्रोजेक्‍ट में

आईएसआईएस के खतरे की वजह से ब्रिटेन और फ्रांस दोनों ही अब एक खास टीम तैयार करने में जुट गए हैं। फिलहाल दोनों ही देशों के पास स्‍वाट फोर्स है लेकिन फिर भी ये दोनों देश चाहते हैं कि कमांडोज की संख्‍या को बढ़ाया जाए।

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