Must Read: मेडिकल सेवा से जुड़े रोचक तथ्य
बैंगलुरू। विश्व स्वास्थ संगठन(WHO) का यह कथन कि प्रत्येक 1000 व्यक्ति पर एक डॉक्टर हो इस कथन को वास्तविकता में तब्दील करने में भारत को अभी 17 वर्ष और लग सकते हैं। डॉक्टरों की संख्या से सम्बंधित हाल के एक डाटा के अनुसार 133 विकासशील देशों के बीच भारत को 67 वां स्थान मिला है वहीं अगर नर्स की संख्या की तुलना करें तो इन विकासशील देशों की श्रेणी में भारत को 75 वां स्थान प्राप्त हुआ है।
Positive India: डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाये बड़े कदम
स्वास्थ्य केंद्रीय ब्युरो के इंटेलीजेंस सर्वे के अनुसार देश के 11614 अस्पतालों में बेड की संख्या 540330 है। आइये आपको अवगत कराते हैं ऐसे ही कुछ और तथ्यों से मेडिकल सेवा से जुड़े रोचक तथ्यों से..

1700 मरीजों के लिए 1 डॉक्टर
वर्ल्ड फिजिशियंस डेन्सिटी: प्रति 10,000 जनसंख्या पर 14 डॉक्टर हैं। भारत में प्रति 1,700 मरीजों पर 1 डॉक्टर है।

387 मेडिकल कॉलेज
देश में 387 मेडिकल कॉलेज हैं- जिसमें से 181सरकारी और 206 निजी क्षेत्र में है।

भारत में उत्पादित डॉक्टर
भारत प्रतिवर्ष 30,000 डॉक्टर और18,000 विशेषज्ञ उत्पादित करते हैं।

भारत की वार्षिक उत्पादकता
भारत वार्षिक रूप से 30,000 AYUSH स्नातक , 55,000 नर्स, 15,000 ANMs और 36,000 फार्माससिस्ट उत्पादित करता है।

जरूरत है और 4 लाख डॉक्टरों की
लगभग 6-6.5 लाख डॉक्टर उपलब्ध है लेकिन 2020 तक भारत को अच्छा अनुपात कायम रखने के लिए 4 लाख डॉक्टरों की आवश्यकता और होगी।

8217+ 5120 सीटें हुईं निर्मित
पीछले तीन आकादमिक वर्षों (2009-10, 2010-11 & 2011-12) के दौरान 8217 MBBS सीटें और 5120 PG सीटें निर्मित की गई हैं।

4542 सीटों को और जोड़ा गया
2011-12 में 2350 PG सीटों और 4542 MBBS सीटों की कुल संख्या को मौजूदा क्षमता में जोड़ा गया है।

चीन में 188 कॉलेज
चीन, जहां 188 कॉलेज हैं वो प्रतिवर्ष 1,75, 000 डॉक्टर उत्पादित करता है। औसतन हर संस्थान से 930 स्नातक होते हैं।

नर्सों का अनुपात
वर्तमान में देश में नर्स चिकित्सकों का अनुपात 1.5:1 है जैसा कि अंतर्राष्ट्रीय नियम 3:1 के विपरीत नर्सों के लिए मौजूदा प्रशिक्षण क्षमता 1.75 लाख है।

पंजीकृत नर्सों की संख्या
देश में पंजीकृत नर्सों की संख्या 1.70 लाख है जिसमें से 4 लाख सक्रिय हैं।

50 फीसदी गांव वंछित
50% गांवों की पहुंच स्वास्थ्य सुविधाओं तक है।

38% भूखे गांव
भारत के 38% गांव लम्बे समय से भूखे हैं।

पहले जन्मदिन पर 10 फीसदी की मृत्यु
सभी शिशुओं में से 10% की मृत्यु उनके पहले जन्मदिन पर हो जाती है।

50 फीसदी शिशु पोषण से वंछित
सभी शिशुओं में से 50% उचित पोषण के अभाव के कारण स्थायी रूप से अविकसित रह जाते हैं।

33% लोग शौचालय से वंछित
33% लोगों की पहुंच शौचालयों तल नहीं है, जबकि 50 फीसदी लोग खुले में शौच करते हैं।












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