बड़ी सफलता: पहली बार गर्भाशय का प्रत्यारोपण, अब गर्भ की चिंता नहीं
नई दिल्ली। अमेरिका के डाक्टरों ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। यहां के क्लेवलैंड क्लिनिक में पहली बार गर्भाशय का सफल प्रत्यारोपण किया है। इससे पहले किसी भी देश में यूट्रस का ट्रांसप्लांट नहीं हुआ था।
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आईये जानते हैं इस ऐतिहासिक सफलता के मायने नीचे की स्लाइडों में..

पहली बार गर्भाशय का प्रत्यारोपण
अमेरिका के क्लेवलैंड क्लिनिक में पहली बार डॉक्टरों ने गर्भाशय का ट्रांसप्लांट हुआ है।

इस ऑप्रेशन में नौ घंटे लगे
डॉ़क्टरों की पूरी टीम को इस ऑप्रेशन में नौ घंटे लगे और तब जाकर उन्हें सफलता मिली।

26 साल की महिला पर प्रयोग
गर्भाशय प्रत्यारोपण एक 26 साल की महिला के शरीर में किया गया है क्योंकि उसके पास गर्भाशय नहीं था और वो गर्भधारण करना चाहती थी।

महिलाओं को मां बनने में मदद मिलेगी
इस सफलता के बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब इसकी वजह से उन महिलाओं को खुशी मिलेगी जिन्हें जन्म से गर्भाशय नहीं है या फिर किसी कारणवश गर्भाशय को शरीर से निकालना पड़ा है।

गर्भधारण में कोई दिक्कत नहीं
गर्भाशय प्रत्यारोपित गर्भाशय पूरी तरह से स्वस्थ है और डॉक्टरों का कहना है कि इसके कारण महिलाओं को गर्भधारण में कोई दिक्कत नहीं होगी।

बच्चे को जन्म देने के बाद गर्भाशय निकाल दिया जायेगा
लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि अगर कोई महिला प्रत्यारोपित गर्भाशय के जरिये प्रेग्नेंट होती है तो बच्चे को जन्म देने के बाद दो-तीन साल बाद महिला की बॉडी से गर्भाशय को निकाल दिया जायेगा ताकि महिलाओं को इसके लिए रेगुलर दवाई ना खाना पड़े।

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