'रोमांस के बादशाह' देवानंद को हुआ था 3 बार इश्क लेकिन...
नई दिल्ली। बॉलीवुड के सबसे रोमाटिंक हीरो देवानंद का आज जन्मदिन है, वो अपनी निजी जिंदगी में भी काफी रोमांस प्रिय थे,उन्होंने इस बात जिक्र खुद अपनी जीवनी 'रोमांसिंग विद लाइफ' में किया था, शायद इसलिए ही जिंदगी को प्यार की इबादत मानने वाले देव साहब को 'रोमांस का बादशाह' कहा जाता था, ऊपर वाले ने उन्हें सुंदर कद-काठी के अलावा नायाब सीरत भी बक्शी थी जिसके चलते लड़कियों का दिल उन पर आ ही जाता था लेकिन देव साहब को भाया वो चेहरा जो उस वक्त के फिल्मी जीवन का सबसे महंगा और खूबसूरत था। देवानंद को अपने जीवन में पहली बार मोहब्बत का एहसास बीते जमाने की सुंदर अभिनेत्री सुरैया ने करवाया था, फिल्म 'किनारे-किनारे' की शूटिंग के दौरान दोनों की आंखे चार हुई थी।

देवानंद को हुआ था 3 बार इश्क
और वहीं से यह मोहब्बत परवान चढ़ी थी लेकिन हर बार की तरह इस प्यार की राह आसान नहीं थी, सुरैया मुस्लिम थीं, सो इस मोहब्बत में मजहब आड़े आ गया, उनकी नानी ने देव साहब को अपनाने से इंकार कर दिया था, सुरैया में इतनी ताकत नहीं थी कि वो अपने प्यार के आगे अपने घर को छोड़ सके, जिसका नतीजा ये हुआ कि उन्होंने देवानंद को मना कर दिया। देव साहब उस समय चोटिल तो बहुत हुए लेकिन जिंदगी में कभी भी कोई अफसोस ना करने वाले देवानंद ने सुरैया को छोड़कर जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया।

सुरैया ने छोड़ दी दुनिया
लेकिन देवानंद को छोड़ने के बाद सुरैया को फिर कोई चेहरा सुहाता नहीं था, उन्होंने फिल्में छोड़ दी और अपने आप को घर में कैद कर लिया और वो उसी दिन लोगों के सामने आयीं जिस दिन उन्होंने जिंदगी छोड़ दी थी। दिल के दर्द के साथ देवानंद आगे तो बढ़ गये लेकिन उनके जीवन में सूनापन था जिसे दूर किया अभिनेत्री कल्पना कार्तिंक ने।
कल्पना ने किया था देव के जीवन में उजाला
कल्पना के साथ देवानंद ने कई कामयाब फिल्में की। 'मिस शिमला' के नाम से विख्यात कल्पना कार्तिक बेहद हसीन और प्यारी थीं, कल्पना, देवानंद के बड़े भाई चेतन की पहली पत्नी की बहन थीं, कल्पना से शादी करने के बाद देव साहब को दो बच्चे नसीब हुए जिन्होंने उनकी जिंदगी में ऐसे रंग भरे जिसके आगे उन्हें फिर किसी और चीज की चाहत नहीं रही।

तीसरी बार जीनत से हुई मोहब्बत
लेकिन दिल से जवां देव साहब को उम्र के उस पड़ाव पर तीसरी बार मोहब्बत हुई, जिस समय उनके बेटे की उम्र 12 साल थी। फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' में साथ काम करते करते देव साहब को जीनत अमान का हुस्न भा गया। फिल्म ने सारे रिकार्ड तोड़े लेकिन जीनत ने देव साहब के दिल में जगह बना ली।
जीनत ने देव साहब को कर दिया मना
लेकिन इस बार भी उनकी मोहब्बत परवान नहीं चढ़ पायी क्योंकि जिस दिन उन्होंने अपना 'हाल ए दिल' जीनत से बयां किया उन्हें ना का जवाब मिल गया क्योंकि जीनत की जिंदगी में किसी और ने जगह बना ली थी। लेकिन उन्होंने अपने इस रिश्ते को दोस्ती के रिश्ते में तब्दील कर लिया जिसका नतीजा यह हुआ कि इस जोड़ी ने कई कामयाब और यादगार फिल्में बॉलीवुड को दीं, जिन्हें लोग आज भी बड़े चाव से देखते है।












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