Airlines Charges: किराए से ज्यादा वसूलती हैं एयरलाइंस, किन तरीकों से बढ़ा रही अपनी कमाई?
Airlines Charges: हाल ही में डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने एक नया सर्कुलर जारी कर डॉमेस्टिक फ्लाइट्स से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर दी है।
बता दें कि अब चेक-इन बैगेज सहित कई अन्य फीस जल्द ही कंपलसरी के बजाय ऑप्शनल हो सकती हैं। लेकिन इसके अलावा भी एयरलाइंस के पास कई तरीके हैं, जिनके माध्यम से वो आपकी जेब हल्की करती हैं। आईए जानते हैं ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में...

- बैगेज फीस: भारत में कई एयरलाइंस प्रति व्यक्ति 1-2 लगेज और एक चेक-इन बैग ले जाने की अनुमति देती हैं, और अलग-अलग एयरलाइंस और फ्लाइट के टिकट्स के आधार पर इन लगेज का वजन अलग-अलग होता है, आमतौर पर वजन सीमा 15 से 30 किलोग्राम तक होती है। लेकिन कई बार यात्रियों के लगेज का वजन इस सीमा से भी ज्यादा हो जाता है, जिसके कारण उन्हें एयरलाइंस को प्रति किलो या फिर प्रति 10 किलो के हिसाब से एडिशनल फीस देने की जरूरत पड़ती है, जिससे टिकट की कीमत बहुत बढ़ जाती है।
- सीट सलेक्शन फीस: कई भारतीय एयरलाइंस सीट सिलेक्शन की फैसिलिटी देती हैं, लेकिन वह उसके लिए एक्स्ट्रा फीस चार्ज करती हैं। हालांकि, इससे यात्री अपनी पसंदीदा सीट चुन सकते हैं, जैसे कि आइल या विंडो सीट, या ज्यादा लेगरूम वाली सीट। सीट के स्थान और एयरलाइन की पॉलिसीज के आधार पर फीस अलग- अलग होती है। उदाहरण के लिए, इंडिगो यात्रियों को एडिशनल फीस देने पर बुकिंग के दौरान सीट चुनने का ऑप्शन देती है।
- चेंजिंग और कैंसिलेशन फीस: भारत में फ्लाइट चेंज या कैंसल करने पर अक्सर फीस लगती है, जो एयरलाइन, बुकिंग क्लास और चेंज या कैंसिल कितने समय पहले किया जा रहा है, आदि के आधार पर अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए, स्पाइसजेट डॉमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए ₹2,250 से ₹4,500 तक चेंजिंग फीस लेती है, जबकि एयर इंडिया किराए के अंतर जितनी फीस ही चार्ज करती है।
- इन-फ़्लाइट सर्विसेज: भारत में, एयरलाइंस भोजन, नाश्ता और ड्रिंक्स जैसी इन-फ़्लाइट सर्विसेज के लिए शुल्क लेती हैं, खासकर छोटी डॉमेस्टिक फ्लाइट्स पर। वैसे, विस्तारा और एयर इंडिया यात्रियों को मुफ्त स्नैक्स उपलब्ध कराती हैं, जबकि अन्य एयरलाइंस इसके लिए फीस चार्ज करती हैं। इन-फ्लाइट सर्विसेज की कीमतें एयरलाइन और खरीदी गई चीजों के आधार पर अलग-अलग होती हैं।
- अपग्रेड ऑप्शन: कई भारतीय एयरलाइंस यात्रियों को एडिशनल फीस के लिए अपनी सीटों को अपर क्लास, जैसे प्रीमियम इकोनॉमी, बिजनेस क्लास या फ़र्स्ट क्लास में अपग्रेड करने का ऑप्शन देती हैं। उदाहरण के लिए, 2019 में एयर इंडिया ने 'गेट अपफ्रंट' प्रोग्राम शुरू किया था, जिसके माध्यम से यात्रियों को अपर क्लास में अपग्रेड करने का ऑप्शन मिलता था।
- फ्लाइट ओवरबुकिंग: एयरलाइन इंडस्ट्री में ओवरबुकिंग एक आम बात है। एयरलाइंस स्टेटिकल मॉडल के आधार पर फ्लाइट्स की ओवरबुकिंग करती हैं, जो किसी फ्लाइट में नो-शो या कैंसिलेशन अनुमान लगाती हैं। उदाहरण के लिए, किसी विमान में 180 सीटें है, बावजूद उसके एयरलाइंस लगभग 200 सीटें बुक करती हैं, वह ये अनुमान लेकर चलती है कि किसी न किसी कारण की वजह से कोई यात्री आखिरी समय पर यात्रा नहीं करेगा और उसकी टिकट कैंसिल हो जाएगी।
- अन्य फीस: भारतीय एयरलाइंस ट्रैवल इंश्योरेंस, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और रेंटल कार्स जैसी अन्य एडिशनल गुड्स और सर्विसेज को बेचकर भी पैसा कमाती हैं। उदाहरण के लिए, इंडिगो जैसी एयरलाइंस बुकिंग प्रोसेस के दौरान एडिशनल फीस देने पर ट्रैवल इंश्योरेंस प्रदान करती हैं।
फ्लाइट टिकट में कैसे करें बचत
- जल्दी बुक करें: अपनी फ्लाइट की टिकट्स पहले से बुक करने से अक्सर कम किराया मिल सकता है, क्योंकि एयरलाइंस आमतौर पर पहले से खरीदे गए टिकटों के लिए सस्ती कीमतें देती हैं।
- तारीखों और समय का ध्यान रखें: अपनी फ्लाइट की तारीखों, दिन और समय का खास ध्यान रखें, क्योंकि ऑफ-पीक सीजन या वीकडेज में फ्लाइट्स की टिकट कम महंगी होती हैं।
- टिकट की कीमतों को कंपेयर करें: जब भी आप टिकट बुक करें तो विभिन्न एयरलाइंस की टिकट प्राइस को कंपेयर करें। टिकट प्राइस को कंपेयर करने के लिए आप 'स्काय स्कैनर' जैसी वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकतेहैं। इस बात का और ध्यान रखे कि कई बार एयरलाइंस की ऑफिशियल वेबसाइट से टिकट बुक करने पर कमकिराया लगता है।
- लगेज के वजन का ध्यान रखें: फ्लाइट में यात्रा करने से पहले एक बार अपने लगेज का वजन जरूर चेक कर लें और एयरलाइंस के नियम और शर्तों में देख लें कि जितना आपके लगेज का वजन है, उतने वजन के लिए एयरलाइंस अनुमति देती है या नहीं।
- न्यूजलेटर सब्सक्राइब कर लें: कोशिश करें कि आपने सभी एयरलाइंस के न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब कर रखा हो, ऐसा करने से आपको एयरलाइंस द्वारा नए ऑफर्स की जानकारी आपकी ईमेल पर ही मिल जाएगी।
- बजट एयरलाइंस से सफर करें: कोशिश करें कि आप हमेशा बजट एयरलाइंस से सफर करें, जिन्हें 'लो कॉस्ट कैरियर' भी कहा जाता है। ऐसा करने से आपको फ्लाइट के टिकट बहुत सस्ते में उपलब्ध हो जाएंगे, हालांकि आपको इसमें फ्री नाश्ता जैसी सुविधाएं नहीं मिलेगी।












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