वायरल चिट्ठी से हुआ खुलासा, 21 बच्चों को बंधक बनाने वाला सुभाष इस बात से था नाराज
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में 11 घंटे तक चले ऑपरेशन के साथ आखिरकार 21 बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष बाथम को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। वहीं, घटना से नाराज ग्रामीणों ने सुभाष बाथम की पत्नी रूबी बाथम की भी पिटाई की थी, जिसकी वजह से वह बुरी तरह से जख्मी हो गई थी। बाद में रूबी ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। हालांकि उस सिरफिरे के द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी वायरल हो रही है....

सिस्टम से नाराज था सुभाष बाथम
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे आखिर जो वजह सामने आई है, वो हिला देने वाली है। दरअसल, सुभाष बाथम सरकारी सिस्टम से नाराज था, इस बात का खुलासा उसके द्वारा जिलाधिकारी को भेज गए एक पत्र से हुआ है। जिलाधिकारी को लिखे इस पत्र में सुभाष बॉथम ने ग्राम प्रधान पर आवास और शौचालय जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ देने से इनकार करने और इसके लिए जिलाधिकारी से भी गुहार लगाने का जिक्र किया था। अपनी मांगों पर कोई पहल नहीं होने और योजनाओं का लाभ नहीं मिलने के कारण वह सिस्टम से नाराज चल रहा था।

पत्र ने खोली शासन और प्रशासन के दावों की पोल
बताया जाता है कि मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सुभाष से उसके दोस्तों के जरिए संपर्क कर मान-मनौव्वल की कोशिशें शुरू की थीं। बच्चों को मुक्त करने के लिए हो रही मान-मनौव्वल के बीच उसने 10 महीने के एक बच्चे को एक पत्र के साथ घर से बाहर भेज दिया। उसकी ओर से भेजे गए खत में जो आरोप अधिकारियों पर लगाए गए थे, वह शासन और प्रशासन के दावों की पोल खोलने और नाकामी उजागर करने वाले थे।

सुभाष बाथम की चिट्ठी वायरल
अब उसकी एक चिट्ठी वायरल हो रही है। इसमें उसने अपनी कुछ मांगों को लिखा था। बता दें कि पत्र में लिखा है कि वह काफी दिनों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास और शौचालय बनवाने की मांग करता रहा है। लेकिन उसकी गुहार किसी ने नहीं सुनी और हर बार गुहार लगाने पर उसे नाकामी हाथ लगी। वह मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन-पोषण करता है और उसकी बुजुर्ग मां भी है। पत्र में उसने चलने-फिरने में असमर्थ अपनी मां के लिए शौचालय की भी मांग की गई थी, वह भी नहीं मिला। उसने आगे लिखा कि सेक्रेटरी और अन्य अधिकारियों से कई बार मिलने के बाद भी उसका काम नहीं हो पाया है।












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