हरियाणा: जिन जिलों में किसान आंदोलन, वहां अब मंत्री तिरंगा नहीं फहराएंगे, यहां CM-डिप्टी CM आएंगे
फरीदाबाद। देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हरियाणा में होने वाले जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथियों के नाम तय कर दिए गए हैं। हालांकि, जो नाम सामने आए हैं..उनमें मंत्रियों के नाम नहीं दिखाई दे रहे। बताया जा रहा है कि, सूबे के सात जिलों में..जहां किसान आंदोलन का जोर है, वहां मंत्री ध्वजारोहण करने नहीं जाएंगे। प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया गया है। हालांकि, राज्य के मुख्यमंत्री मनोहरल लाल खट्टर तिरंगा फहराने फरीदाबाद आ सकते हैं। उनके अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला महेंद्रगढ़ में ध्वजारोहरण करेंगे। ये दोनों ऐसे शहर हैं, जहां किसान आंदोलन का असर इन दिनों नहीं दिख रहा।

इन जिलों में मंत्री ध्वजारोहण नहीं करेंगे
प्रदेश में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जिन जिलों में मंत्री ध्वजारोहण नहीं करेंगे, उनमें साेनीपत, झज्जर, रोहतक, जींद, कैथल, सिरसा, कुरुक्षेत्र शामिल हैं। पता चला है कि, इन जिलों में मंडलायुक्त व उपायुक्त ध्वजारोहण करेंगे। इसके अलावा हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय गुड़गांव में ध्वजारोहण करेंगे और यहीं पर एटहोम का कार्यक्रम होगा। असेंबली के स्पीकर करनाल जाएंगे और गृह मंत्री अनिल विज अपने होमटाउम अम्बाला में मौजूद रहेंगे। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मंत्री कंवरपाल गुर्जर चरखी दादरी, मूलचंद शर्मा पलवल, रणजीत सिंह फतेहाबाद, जयप्रकाश दलाल पंचकूला और डॉ. बनवारी लाल पानीपत में ध्वजारोहण करेंगे। उनके अलावा रणबीर गंगवा भिवानी, ओपी यादव यमुनानगर, कमलेश ढांडा हिसार, अनूप धानक रेवाड़ी और संदीप सिंह कैथल में तिरंगा फहराएंगे।

मुख्य अतिथियों के नाम तय
भाजपा की फरीदाबाद इकाई के पदाधिकारी ने बताया कि, मुख्यमंत्री मनोहरल लाल खट्टर तिरंगा फहराने फरीदाबाद आ सकते हैं। जबकि, करनाल में विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता जाएंगे। इस प्रकार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व मंत्री ऐसे जिलों में ध्वजारोहण करेंगे, जहां किसान आंदोलन का प्रभाव कम है।
भाजपा ने निकाली लंबी तिरंगा यात्रा
सत्तारूढ़ भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले भिवानी से 'तिरंगा यात्रा' शुरू की है। जिसमें रविवार को हरियाणा के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ भी पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि, यात्रा में हजारों किसान भी शामिल हुए। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि वे इस 'यात्रा' का विरोध नहीं करेंगे। बताया जा रहा है कि, बहल से लोहारू तक 30 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकाली गई यात्रा के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ ने राज्य के कृषि मंत्री जे पी दलाल के साथ एक ट्रैक्टर की सवारी की, जिसके दोनों तरफ तिरंगा लगा हुआ था। उस यात्रा में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और अन्य वाहन शामिल थे। जिन पर तिरंगा दिखाई दे रहा था। भाजपा नेताओं ने कहा कि, अगले दो सप्ताह में सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में 'यात्रा' निकाली जाएगी और इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि, 75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले भाजपा की दो सप्ताह की 'तिरंगा यात्रा' भिवानी जिले से शुरू हो चुकी है और उसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ और हजारों किसान भी शामिल हुए। धनखड़ ने दावा किया कि, संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े लोग भी इससे सहमत हैं।

वहीं, केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे 40 से अधिक किसान संगठनों ने कहा कि वे 'यात्रा' का विरोध नहीं करेंगे। हालांकि, देखा जाए तो कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान कृषि कानूनों के मुद्दे पर भाजपा-जजपा नेताओं के सार्वजनिक कार्यों का विरोध करते रहे हैं। बहल में 'यात्रा' भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने और महान शहीद भगत सिंह को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद शुरू हुई। इस मौके पर 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए गए।












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