हरियाणा: मरीजों का इलाज करते कोरोना की चपेट में आईं डॉक्टर, तोड़ा दम, 4 महिला डॉक्टरों की इसी तरह जान गई
फरीदाबाद। कोरोना महामारी की चपेट में आ रहे लोगों के उपचार में जुटी नर्स-डॉक्टर्स भी जिंदगी-मौत जूझ रही हैं। हरियाणा में फरीदाबाद के एनआईटी-3 में परिवार के साथ अशोक नर्सिंग होम में सेवा दे रहीं डॉ. संतोष ग्रोवर की इसी तरह जान चली गई। मरीजों का इलाज करते-करते वह कोरोना की चपेट में आ गई थीं। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था और इलाज के दौरान ही स्वर्ग सिधार गईं। अस्पताल की ओर से बताया गया कि, 21 नवंबर को उन्होंने दम तोड़ा।

आईएमए फरीदाबाद की अध्यक्षा डॉ. पुनीता हसीजा बोलीं कि, एक हफ्ते पहले ही हमने डॉ. अर्चना भाटिया को भी खोया था। अब डॉक्टर्स को दूसरा बड़ा झटका डॉ. संतोष ग्रोवर की मौत से लगा है। डॉ. संतोष ग्रोवर मरीजों के प्रति बहुत संवेदनशील थीं। उनका सभी मरीजों के साथ प्यार भरा अनुभव रहता था। वह अशोक नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करती थीं। दुर्भाग्यवश इसी दौरान कोरोना की चपेट में आ गई थीं। तब से उनका उपचार चल रहा था। वह बच नहीं पाईं, कोरोना ने उनकी जान ले ली।

फरीदाबाद के मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश अरोड़ा और आईएमए अध्यक्षा डॉ. पुनीता हसीजा के मुताबिक, फरीदाबाद में ही अब तक 4 डॉक्टरों की जान चली गई है। जिनमें डॉ. संतोष ग्रोवर से पहले डॉ. अर्चना भाटिया, डॉ. रेनू गंभीर व डॉ. आभा सभरवाल भी अपनी जान गंवा चुकी हैं। वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, मरीजों का इलाज करते हुए भारत में अब तक 650 से ज्यादा डॉक्टर्स कोरोना की वजह से जान गंवा चुके हैं। अब आईएमए की तरफ से बाकी सभी डॉक्टरों से अपील गई है कि वे मरीजों का इलाज करते हुए और भी ज्यादा सावधानी बरतें और अपना भी विशेष ख्याल रखें।












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