अयोध्या जेल में कैदियों के दो गुटों में हिंसक झड़प में 7 घायल, डीएम ने दिए जांच के आदेश
Ayodhya

7 कैदियों को बनाया बंधक
शनिवार की सुबह लगभग 9 बजे कैदियों के दो गुट में भीषण मारपीट हुई, जिसमें 8 कैदी घायल हुए। एक कैदी तो चंगुल से निकलकर बाहर आ गया, लेकिन बाकी 7 कैदी उपद्रवियों के चंगुल में ही रहे। बैरक बंद कर उपद्रवी कैदियों ने गैस सिलेंडर रखकर ब्लास्ट की धमकी दे डाली, जिसके बाद मंडल कारागार को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

अस्पताल में कराया भर्ती
सभी थानों की पुलिस मंडल कारागार में घुसकर एक्शन लेने के मूड में आ गई, लेकिन जब देखा की 7 घायल कैदियों बवाली कैदियों के चंगुल में है तो उन्हें मनाना ही बेहतर समझा। मनाने के बाद सभी सातों घायल कैदियों को जिला में भर्ती कराया गया और बाकी कैदियों को उनकी बैरक में बंद कर दिया गया।

कैसे और क्यों शुरु हुआ बवाल
दरअसल, आजमगढ़ से आए एक कैदी सुल्तानपुर जेल बंद एक कैदी से बात कर रहा था। इसकी शिकायत सजायाफ्ता कैदी लंबरदार ने जेल अधीक्षक से की। यह मुखबिरी लंबरदार कैदी भोला को भारी पड़ गई। गुस्साए कैदियों ने लंबरदार भोला की पिटाई कर दी, जिसके बाद जेल के कैदी दो गुट में तब्दील हो गए और फिर शुरू हुआ खूनी मंजर। बवाली कैदियों ने रसोई के सारे बर्तन तोड़ दिए। सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए। बैरक को बंद कर दिया गया, जिसके बाद घायल कैदियों को कब्जे में रखकर जेलर व जेल अधीक्षक के भ्रष्टाचार को जिला प्रशासन के सामने रखा।

डीएम ने दिए जांच के आदेश
काफी मान मनुहार के बाद कैदियों को उनके बैरक में वापस भेजा गया। डीएम डॉ. अनिल पाठक ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, मौके पर पहुंची डीआईजी जेल श्रीपर्णा गांगुली ने भी जांच शुरू कर दी है।












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