Ayodhya News: स्वामी मौर्य बोले- ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर बहनों के साथ हुआ भावनात्मक छलावा
Ayodhya News: अयोध्या में मंगलवार को स्वामी प्रसाद मौर्य पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने हाल ही में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर केंद्र की नीयत और रणनीति पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि इस ऑपरेशन के नाम पर देशवासियों, खासकर बहनों को भावनात्मक रूप से गुमराह किया गया।
उन्होंने कहा कि शुरू में ऐसा लगा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रही है, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही सबकुछ ध्वस्त हो गया। मौर्य ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से लोगों को उम्मीद थी कि अब कुछ ठोस होगा, लेकिन नतीजा शून्य रहा। जब आतंकवादियों का ही सफाया नहीं हुआ, तो इस ऑपरेशन की सार्थकता कहां रही?

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस तरह के राजनीतिक स्टंट से न केवल बहनों की भावनाओं से खिलवाड़ हुआ है, बल्कि पूरे देश की उम्मीदों को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आतंकवादियों का अंत ही नहीं हुआ, तो ऑपरेशन की घोषणा का क्या औचित्य था?
बहनों के सम्मान के नाम पर हुआ अपमान
मौर्य ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने इस ऑपरेशन के नाम पर बहनों को सिर्फ झूठे दिलासे दिए। उन्होंने कहा कि सम्मान देने की बजाय बहनों के साथ छल किया गया है, और यह लोकतंत्र के साथ भी विश्वासघात है।
उनका कहना था कि ऐसे मामलों में भावनात्मक अपील की जगह ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक आतंकवादी खत्म नहीं किए जाते, तब तक ऐसे ऑपरेशनों की कोई उपयोगिता नहीं होती।
सरकार ने जनता की आंखों में धूल झोंकी
मौर्य ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने सिर्फ प्रचार के लिए ऐसा अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि देशवासियों की आंखों में धूल झोंकने की कला भाजपा से बेहतर कोई नहीं जानता।
उन्होंने यह भी कहा कि अब वक्त आ गया है कि भाजपा के इस दोहरे चरित्र को जनता के सामने उजागर किया जाए। मौर्य के अनुसार, जनता अब जाग चुकी है और झूठे नारों से प्रभावित नहीं होने वाली।
अगर 400 सीटें मिलतीं, तो संविधान बदल चुका होता
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा के '400 पार' के नारे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को सच में 400 सीटें मिल जातीं, तो आज संविधान भी बदला जा चुका होता। यह देश के लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत था।
उन्होंने इसके लिए अयोध्या की जनता का आभार भी जताया और कहा कि देशवासियों ने समय रहते भाजपा की मंशा को समझ लिया। उन्होंने कहा कि अब भाजपा की असलियत सबके सामने आ चुकी है।
प्रधानमंत्री के 'वन नेशन-वन इलेक्शन' की मांग पर भी मौर्य ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर वाकई देश में एकरूपता लानी है तो सबसे पहले 'वन नेशन-वन एजुकेशन' की व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
मौर्य ने कहा कि शिक्षा में समानता से ही सच्चा विकास संभव है। गरीब, अमीर, गांव और शहर के बच्चों को एक जैसी शिक्षा मिले, तभी देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की कथित विफलताओं को उजागर किया।












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