'या अली' Gen Z तुमने जुबीन को नहीं जाना, अब तुम बैठ उनके नगमें सुनो, आंसू भरो और दीवानगी देखो
Zubeen Garg: 19 सितंबर का दिन भी एक आम दिन की ही तरह शुरू हुआ। भारत में भी लोगों ने सुबह का सूरज देखा, अपनों के साथ चाय की चुस्की ली और अपने-अपने काम पर निकल गए। हम भी अपने दफ्तर पहुंचे। ये दिन भी हर रोज की तरह बीत ही रहा था। लेकिन शाम को एक खबर आई, जिसके कुछ पल बाद वो हुआ जिसको किसी को इल्म नहीं था।
न्यूज फ्लैश- जुबीन गर्ग का सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते समय हुआ निधन.....। अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए हमारे यहां भी खबर लगी और न्यूजरूम में जुबीन के चर्चे होने लगे। अब कहानी को थोड़ा फ्लैशबैक में लेकर चलते हैं, जब 1995 के बाद पैदा हुए बच्चों का यौवन फूट रहा था। तब जमाना एंड्रॉयड फोन का नहीं, बल्कि चिप वाले (मेमोरी कार्ड जिसमें डाटा सेव किया जाता था) का था। घर जो जेब खर्च मिलता उसमें से कुछ पैसे निकाल गाने भरवाते।

यौवन से निकल कर जवानी के दहलीज पर कदम रख चुके लड़कों को एक हीरो मिला- इमरान हाशमी। लड़के इमरान को देखते और उनकी फिल्मों के सीन को लेकर तरह-तरह की बातें करते, लेकिन ये लड़के इमरान की फिल्में और गाने भी छुपकर ही देख-सुन पाते। इमरान की फिल्मों की खासियत उनमें मौजूद गाने थे। जिन्हें सुन तबीयत हरी हो जाती। उन दिनों लड़को के मन में एक धुन सवार हुई, ये धुन थी फिल्म गैंगस्टर के 'या अली' सॉन्ग की। इस गाने में फिल्म के हीरो के साथ सर पर काली टोपी पहने और हाथों में गिटार लिए एक लड़का दिखा। वो झूमते हुए गाता है- या अली रहम अली, या अली यार पे कुर्बान हैं सभी। या अली मदद अली, या अली मेरी जान ये मेरी जिंदगी इश्क पे मिटा दूं लुटा दूं। उसकी आवाज सबको झुमा तो रही थी, लेकिन अंदर से टूटे दिल का एहसास भी दिला रही थी।
इसके बाद जुबीन के कई हिंदी गाने आए, जिसमें 'जाने क्या चाहे मन', 'की कसूर', 'जीन क्या तेरे बिना', 'जग लाल लाल लाल' और 'दर्द-ए-दिल' शामिल हैं। ये वो जुबीन की आवाज के गाने हैं, जिन्हें सुन आप खुद को टूटा हुआ आशिक समझने लगते।
पर क्या जुबीन की यही पहचान है? नहीं। बॉलीवुड से भी अलग जुबीन की एक और पहचान है, जिसमें उन्होंने 19 साल की उम्र में अपना पहला (1992) एल्बम बनाया। तीन साल बाद यानी 1995 में मुंबई आकर पहला इंडिपॉप सोलो एल्बम 'चांदनी रात' निकाला। 90 के दौर में कई एल्बम निकाले, कई बड़ी फिल्मों में गाना गाया। लेकिन कामयाबी या अली से मिली। जुबीन ने कई भाषाओं में लगभग 30 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। आज के जेनीजी और उस वक्त छर्रे भले ही जुबीन को भूल गए हों। या उन्हें याद नहीं हों, लेकिन वो कौन थे? वो इन दिनों पूरा सोशल मीडिया बता रहा है।
22 सितंबर 2025 को जिस हवाई जहाज से जुबीन की पार्थिव देह गुवाहाटी हवाईअड्डे आ रही थी। उसे देखने हजारों की संख्या में उनके चाहने वाले पहुंचे। हवाई अड्डे का ग्राउंड स्टाफ फ्लाइट के आसमान में दिखने से लेकर लैंड होने तक टकटकी लगाए देखते रहे। रनवे पर पहुंचते ही लोगों ने पहले उस प्लेन को छुआ। नमन किया, फिल्म जुबीन की पार्थिव देह निकाली। इधर हवाई अड्डे में जाम की स्थिति बन गई। शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। उनके चाहने वालों की तादात इतनी ज्यादा है कि पूरा असम बंद हो गया। सब एक झलक पाने के लिए बेताब थे। हवाई अड्डे से उनकी देह को घर पहुंचने में 5 घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। अंदाजा इसी से लगाइए क् जुबीन असम के लोगों के लिए क्या थे। जुबीन 19 सितंबर को इस दुनिया से गए, लेकिन उनका अंतिम संस्कार 23 सितंबर को हुआ। क्योंकि 2 दिन तक एक बड़े स्टेडियम में उनके अंतिम दर्शन करने के लिए चहीते पहुंच रहे थे। जिसे देखो वो जुबीन के दीवानों और चहेतों का हुजूम देख हैरान है। बड़े से बड़ा नेता, कलाकार, बिजनेसमैन और न जाने कौन-कौन जुबीन की दीवानगी 2025 में देख रहा है।
असम से जो वीडियोज आ रहे हैं, उन्हें देख ऐसा लग रहा है कि घर अब मकान रह गया है। गलियां, चौक-चौबारे, चहलकदमी करतीं चाय की दुकानें तो क्या शहर दर शहर सूना हो गया है। सब जुबीन को जी भर के निहारने चाहते हैं। छूना चाहते हैं और एक आखिरी बार उन्हें महसूस करना चाहते हैं। लेकिन वो एक शेर है ना 'हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था, लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था'। यही हालत अब जुबीन के हर एक दीवाने की है। वो गा रहे हैं अपने जुबीन दा के पसंदीदा गाने 'मायाबिनी' को। क्योंकि जुबीन की फैंटेसी भी तो थी, जब वो मरें तो सभी यही गाना गाएं।
जुबीन 12 तरह के इंस्ट्रूमेंट बजा लेते थे। जिसमें ढोल, डोटोरा, मैंडोलिन, कीबोर्ड, ड्रम, हारमोनिका, गिटार, हारमोनियम, तबला और आनंदलहरी शामिल हैं। आज हारमोनिका से मैंडोलिन तक और गिटार से हारमोनियम तक बस बेसुरे हैं।..और ये ढोल, तबला, आनंदलहरी बेताले लग रहे हैं। जुबीन अब इस मिलेनियल, जेनजी और अल्फा जेन की दुनिया से विदा लेकर बैकुंठ पहुंच रहे हैं। अलविदा जुबीन दा...हमारी तरफ से आपको नमन....श्रद्धांजलि....आप जहां रहें, झूमते रहें, गाते रहें और खुश रहें।
-
'मेरा पानी महंगा है, सबको नहीं मिलेगा', ये क्या बोल गईं Bhumi Pednekar? लोगों ने बनाया ऐसा मजाक -
Varun Dhawan की डेढ़ साल की बेटी लारा को हुई ये गंभीर बीमारी, बैठने-चलने में हो रही परेशानी, कैसे हुआ ये हाल? -
Hema Malini को पड़ा जोरदार थप्पड़, बुरी हो गई थी 'रावण' अरविंद त्रिवेदी की हालत, 20 बार करना पड़ा ऐसा काम -
'बंद करना बे', ये किस पर भड़के संजय दत्त? Video में चिल्लाते हुए आए नजर, वायरल हुआ क्लिप -
Youtuber Armaan Malik की पत्नी पायल की बेटे को जन्म देते ही हालत बिगड़ी, नवजात की तबीयत खराब, कैसे हुआ? -
Peddi Teaser Out: राम चरण के बर्थडे पर फैंस को मिला बड़ा सरप्राइज, 'पेद्दी' का टीजर रिलीज, एक्टर का जबर अवतार -
Dhurandhar 2 BO Collection Day 8: 'धुरंधर 2' ने राम नवमी पर मचाई धूम, 8वें दिन कर ली छप्पड़फाड़ कमाई -
Dhurandhar 2 BO Collection Day 9: बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर 2' का तूफान जारी, 9वें दिन भी की रिकॉर्डतोड़ कमाई -
Ramayan: रणबीर कपूर की 'रामायण' को लेकर बड़ी खबर, हनुमान जयंती 2026 पर होगा 'राम' का ग्रैंड रिवील -
PM Modi Meeting: 'Lockdown की अफवाहों पर लगाम', PM की मुख्यमंत्रियों संग ढाई घंटे चली बैठक, दिए 8 मैसेज-List -
Gold Rate Today: सोने में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से 50,000 सस्ती! अब आपके शहर में ये है 22k और 18K कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने












Click it and Unblock the Notifications