Prem Chopra: जानिए मशहूर खलनायक ने क्यों कहा- 'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा... जिंदा हूं मैं'
नई दिल्ली, 28 जुलाई। बीते दो साल के अंदर बॉलीवुड के कई दिग्गजों ने दुनिया को अलविदा कह दिया तो वहीं बहुत सारे कलाकारों की मौत की अफवाएं भी उड़ीं, जिसके लिए अफवाह उड़ाने वालों को जमकर लताड़ भी लगी लेकिन लोग अपनी हररकतों से बाज नहीं आते हैं, ताजा अफवाओं के शिकार हुए बीते जमाने के मशहूर खलनायक प्रेम चोपड़ा, जिनको लेकर अफवाह उड़ गई कि वो अब दुनिया में नहीं हैं और उनका लंबी बीमारी से निधन हो गया है।

'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा... जिंदा हूं मैं'
जिसके बाद तो उनके घर पर फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया। जिसकी वजह से एक्टर और उनके परिवार को खासी परेशानी हुई है। इस बारे में प्रेम चोपड़ा ने ईटाइम्स से बात की है। उन्होंने कहा कि 'वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं और जिंदा हैं, राम जाने इस तरह की अफवाएं कौन उड़ाता है?'

'ऐसे लोगों की तो क्लास लगनी चाहिए'
उन्होंने कहा कि 'उनके पास राकेश रौशन का फोन आया और भी सितारों का फोन आया, वो सभी काफी भयभीत और दुखी थे, पता नहीं कौन मुझे मारकर खुश होना चाहता है। ऐसे लोगों की तो क्लास लगनी चाहिए।'

'इसको तुंरत रोके जाने की जरूरत'
उन्होंने कहा कि 'आज सुबह से मेरी तबीयत के बारे में जानने के लिए कई कॉल्स आई हैं, मैं बहुत ज्यादा दुखी और परेशान भी हो गया हूं। कुछ वक्त पहले मेरे करीबी दोस्त जीतेंद्र के साथ भी ऐसा ही किया था, ये सब बहुत गलत है, इसको तुंरत रोके जाने की जरूरत है।'

पचास साल के करियर में 380 फिल्में
आपको बता दें कि प्रेम चोपड़ा हिंदी सिनेमा की पुरोधाओं में से एक हैं। 86 वर्ष के प्रेम चोपड़ा ने अपने पचास साल के करियर में करीब तीन सौ अस्सी फिल्मों में काम किया है। वो हिंदी सिनेमा के हैंडसम खलनायक में गिने जाते थे।
'लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार'
उन्होंने वर्ष 1960 में उन्होंने बॉलीवुड फिल्म "हम हिंदुस्तानी" से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी। पाकिस्तान के लाहौर में जन्मे प्रेम चोपड़ा को 'लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार', 'इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार', 'लायंस क्लब पुरस्कार', 'अशोक पुरस्कार' जैसे अवॉर्डों से नवाजा जा चुका है।












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