पद्मिनी कोल्हापुरे ने जब ऋषि कपूर को मारे 8 जोरदार थप्पड़, जानिए एक्ट्रेस की क्या थी मजबूरी?
पद्मिनी कोल्हापुरे ने जब ऋषि कपूर को मारे 8 जोरदार थप्पड़, जानिए एक्ट्रेस की क्या थी मजबूरी?
मुंबई, 16 दिसंबर। अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर फिल्म प्रेम रोग दर्शकों के दिलों पर अभी भी राज करती हैं। हाल ही में प्रेम रोग फिल्म शूटिंग को लेकर एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे ने एक बड़ा राज खोला जिसमें उन्होंने बताया कि क्यों उन्हें फिल्म में सचमुच में ऋषि कपूर को 7-8 थप्पड़ बार थप्पड़ मार कर उनका गाल लाल कर दिया था। पद्मिनी कोल्हापुरे ने ये राज खोला कि उन्हें इस बात के लिए उन्हें किसने मजबूर किया था।

प्रेम रोग ने की थी जबदस्त कमाई
बता दें प्रेम रोग (1982) एक रोमांटिक फिल्म थी जिसमें ऋषि कपूर ने देव का किरदार निभाया था और प्रेम की कहानी पर आधारित फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे विधवा मनोरमा के किरदार में थी। देव उन्हें बेइंत्हा प्यार करते थे। इस फिल्म को राजकपूर ने बनया था और इसकी पटकथा जैनेंद्र जैन और कामना चंद्रा ने लिखी है। फिल्म को समीक्षकों द्वारा सराहा गया था और इस फिल्म ने जमकर कमाई की थी। यह विधाता के बाद उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। विधवा विवाह को लेकर समाज में जागृति लाने में इस फिल्म ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रेम रोग के सीन को याद कर एक्ट्रेस ने खोला राज
मीडिया को दिए साक्षात्कार में एक्ट्रेस पद्मिनी ने एक बड़ा राज खोला। सालों बाद पद्मिनी कोल्हापुरे अपनी फिल्म प्रेम रोग के एक सीन को याद करते हुए बताया कि उन्हें फिल्म में नकली में नहीं किसी के कहने पर जब ऋषि कपूर को उन्हें 7-8 बार थप्पड़ मारना पड़ा था जिसके कारण एक्टर का गाल लाल हो गया था।

पद्मिनी कोल्हापुरे ने बताई क्या थी उनकी मजबूरी
पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा फिल्म के जिस सीन में थप्पड़ मारने वाला सीन था मैंने शूटिंग के पहले बताया था कि कैसे ऋषि के गाल के पास अपना हाथ धीमा कर देगी लेकिन उसके पिता और फिल्म के निर्देशक राज कपूर ने उसे जोर से थप्पड़ मारने के लिए कहा था।

राज चाचा ने कहा था नहीं नहीं तुम थप्पड़ जोर का मारो
पद्मिनी कोल्हापुरे ने शॉट के बारे में बात करते हुए कहा "थप्पड़ मारने वाला दृश्य वाह, मुझे याद है मुझे चिंटू (ऋषि कपूर) को थप्पड़ मारना था और निश्चित रूप से एक्शन में सामान्य रूप से क्या होता है, और वे थप्पड़ को एक्शन के साथ सिंक्रनाइज़ करते हैं। लेकिन राज (कपूर) चाचा ऐसा नहीं चाहते थे, वह चाहते थे कि मैं उन्हें थप्पड़ मारूं, और फिर उन्होंने कहा 'नहीं नहीं तुम थप्पड़ मारो। मुझे वह रियल तरह का शॉट चाहिए'। तब चिंटू ने मुझसे कहा 'तुम आगे बढ़ो और मुझे थप्पड़ मारो'

थप्पड़ के क्यों 7-8 री-टेक लेने पड़े
पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा पहला टेक, मेरा हाथ उठता है लेकिन उसके गाल के पास जाकर धीमा हो जाता है । लेकिन फिर राज अंकल कहते, 'नहीं, मुझे ऐसा नरम थप्पड़ नहीं चाहिए।' और उस शॉट में हमें कुछ 7-8 री-टेक लेने पड़े। कुछ गलत होता रहा, या तो यह कैमरा इश्यू था, लाइट इश्यू, टेक्निकल इश्यू और मुझे उसे 7-8 बार थप्पड़ मारना पड़ा। अब इसके बारे में मैं सोच रही कि मुझे नहीं पता कि अगर मुझे इतने थप्पड़ मारने पड़ते तो क्या होता।"

प्रेम रोग ने जीते थे चार फिल्मफेयर अवार्ड
गौरतलब है कि प्रेम रोग में शम्मी कपूर, नंदा, तनुजा, सुषमा सेठ, कुलभूषण खरबंदा, रजा मुराद, ओम प्रकाश, बिंदू जैसे अन्य कलाकार भी थे। प्रेम रोग का गाना ये गलियां ये चौबारा आज भी लोगों की आंखों को नम कर जाता है। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला) सहित चार फिल्मफेयर पुरस्कार जीते। पद्मिनी और ऋषि ने ये इश्क नहीं आसान, जमाने को दिखाना है, प्यार के काबिल, हवालात और राही बादल गए सहित कई अन्य फिल्मों में भी अभिनय किया है।












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