'बैटल ऑफ गलवान' विवाद के बीच सलमान खान का बयान आग की तरह हो रहा वायरल
सलमान खान की फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर रिलीज़ होते ही यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय विवादों में घिर गई है। साल 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित यह फिल्म 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। टीज़र सामने आते ही चीनी मीडिया ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और फिल्म को "झूठा" बताते हुए तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।

चीनी मीडिया के आरोप
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स समेत कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने दावा किया है कि फिल्म गलवान घाटी की घटना को गलत तरीके से पेश कर रही है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि गलवान घाटी चीनी क्षेत्र में आती है और भारतीय सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पार की थी, जिसके कारण झड़प हुई। इसी आधार पर फिल्म की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सलमान खान का पुराना बयान फिर वायरल
इस विवाद के बीच सलमान खान का 2017 का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हो गया है। यह बयान उन्होंने फिल्म 'ट्यूबलाइट' के प्रमोशन के दौरान आईएएनएस को दिया था। उस इंटरव्यू में सलमान ने युद्ध को लेकर बेहद संवेदनशील और आलोचनात्मक नजरिया रखा था।
'युद्ध कभी अच्छा नहीं होता'
सलमान खान ने कहा था, "अगर आप किसी से पूछें कि युद्ध अच्छा है या बुरा, तो कोई भी यह नहीं कहेगा कि युद्ध अच्छा होता है। हर लड़ाई बातचीत से सुलझानी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि युद्ध एक नकारात्मक भावना है, जिसे कोई समर्थन नहीं करता, फिर भी यह होता है और इसके पीछे की वजह अक्सर आम लोगों को समझ नहीं आती।
नेताओं पर भी उठाए थे सवाल
सलमान ने उस समय यह भी सुझाव दिया था कि जो लोग युद्ध का आदेश देते हैं, उन्हें ही बंदूक थमाकर सबसे पहले मोर्चे पर भेजना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा करने से युद्ध एक दिन में ही रुक जाएगा, क्योंकि तब बातचीत का रास्ता खुद-ब-खुद निकल आएगा। 'ट्यूबलाइट' का मुख्य संदेश भी यही था कि युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए।
चीन में बदला माहौल
गौरतलब है कि 'ट्यूबलाइट' को चीन में बड़ी रिलीज़ मिली थी और वहां के मीडिया ने फिल्म को काफी समर्थन दिया था। लेकिन 2020 के गलवान संघर्ष के बाद हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। 'बैटल ऑफ गलवान' के विषय को देखते हुए चीन में इसकी रिलीज़ अब बेहद मुश्किल मानी जा रही है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय सरकारी सूत्रों ने चीनी मीडिया के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सूत्रों के अनुसार, भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और अगर किसी को फिल्म पर आपत्ति है, तो वह संबंधित मंत्रालय से संपर्क कर सकता है। सभी विवादों के बावजूद 'बैटल ऑफ गलवान' ने रिलीज़ से पहले ही करीब 350 करोड़ रुपये का कारोबार कर नया रिकॉर्ड बना लिया है। यह साफ दिखाता है कि विवादों के बीच भी दर्शकों में फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है।












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