'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' पर राम गोपाल वर्मा ने जो कहा, उसे सुन यश की फिल्म के मेकर्स को बुरा लग जाएगा!
Dhurandhar: The Revenge और Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups के बीच बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त मुकाबला तय माना जा रहा है। एक तरफ Ranveer Singh स्टारर 'धुरंधर' है, तो दूसरी ओर Yash की 'टॉक्सिक'। इस भिड़ंत को नॉर्थ बनाम साउथ या बॉलीवुड बनाम सैंडलवुड की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन फिल्ममेकर Ram Gopal Varma इसे सिनेमा की दो अलग संस्कृतियों के बीच टकराव मानते हैं।

रामगोपाल वर्मा का बयान
राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर' देखने के बाद सोशल मीडिया पर लंबा नोट साझा किया। उन्होंने लिखा कि दोनों फिल्मों का मूल अंतर दर्शकों के प्रति उनके दृष्टिकोण में है। उनके अनुसार, 'धुरंधर' दर्शकों की बुद्धिमत्ता का सम्मान करती है, जबकि 'टॉक्सिक' उन्हें कम समझकर पेश आती है। वर्मा ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बड़ी व्यावसायिक फिल्मों में दर्शकों को अत्यधिक नाटकीय प्रस्तुति और शोरगुल के जरिए प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। उनका मानना है कि परिपक्व दर्शक जटिल कहानी को समझने और स्वयं निष्कर्ष निकालने में सक्षम होते हैं।
सफलता के आंकड़ों का हवाला
आरजीवी ने दावा किया कि 'धुरंधर' की वैश्विक कमाई यह साबित करती है कि आम दर्शक अपेक्षा से अधिक समझदार हैं। कथित तौर पर लगभग 260 करोड़ रुपये के संयुक्त बजट वाली फिल्म ने 1500 करोड़ रुपये तक की कमाई की है। वर्मा के मुताबिक, यह आंकड़े बताते हैं कि दर्शक केवल मसालेदार मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सार्थक कथा को भी अपनाते हैं।
सिनेमा की दो सोच
राम गोपाल वर्मा ने इस मुकाबले को 'क्रूर सच्चाइयों' की जंग बताया। एक ओर नायक की अंधी पूजा, दूसरी ओर कहानी के जरिए नायक की खोज-यही असली अंतर है। उनका कहना है कि दर्शकों को हर दृश्य पर ताली-सीटी बजाने वाला मानना गलत है। अंत में उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी व्यक्ति विशेष के समर्थन में नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के भविष्य को लेकर उम्मीद से प्रेरित है। अब सबकी नजर 19 मार्च पर है, जब यह तय होगा कि दर्शक किस फिल्म को अपना समर्थन देते हैं।












Click it and Unblock the Notifications