RajKummar Rao: एक्टर राजकुमार ने पारले-जी खाकर गुजारा है दिन, अकाउंट में थे सिर्फ 18 रुपए
RajKummar Rao: एक्टर राजकुमार ने पारले-जी खाकर गुजारा है दिन, अकाउंट में थे सिर्फ 18 रुपए
नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव अपनी हिट फिल्मों और अपनी एक्टिंग के बदौलत फैंन के दिलों में बसते हैं। राजकुमार ने बॉलीवुड में अपनी अलग पचहान बनाई है। बिना किसी गॉर्ड फादर ने उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग छोप छोड़ी है। दिल्ली के सटे गुरुग्राम के एक मिडिल क्लास फैमिली के लड़के ने बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग का डंका बजा दिया, लेकिन उनका ये सफर इतना आसान नहीं था। इंडिया टुडे के एक प्रोग्राम के दौरान राजकुमार राव ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है।

संघर्ष के दिन थे मुश्किल
राजकुमार राव ने बताया कि उन्हें आउटसाइटर होने के कारण इंडस्ट्री में घुसने में काफी मुश्किलें हुई। उन्होंने मुंबई में स्ट्रगल का लंबा दौर झेला है। उन्हें आउटसाइडर होने के नाते काफी मुश्किलें आई थीं। उन्होंने कहा कि सिनेमा और एक्टिंग को लेकर मेरा जुनून ऐसा था कि ये संघर्ष मुझे तोड़ नहीं पाई। मैं अपनी बारी का इंतजार करता रहा।

एक्टिंग सीखने के लिए चलाते थे 70 किमी साइकिल
राजकुमार राव ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वो दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक ज्वाइंट फैमिली से हैं। दिल्ली में उन्होंने पहले थिएटर ज्वाइन किया। FTII स्कूल में वो एक्टिंग सीखने के लिए उन्हें 70 किमी तक साइकिल चलाकर जाना पड़ता था। उस वक्त ऐसा लगता था मानों अपनी गर्लफ्रेंड को मिलने जा रहे हो। मैंने थिएटर के समय में बहुत मेहनत की और हर दिन कुछ नया सीखता था।

एक पैकैट पारले जी बिस्किट पर काटा है दिन
राजकुमार राव ने संघर्ष के दिनों को याद कर बताया कि जब वो दिल्ली से मुंबई पहुंचे तो मुश्किल का दौर बढ़ता चला गया। उस समय के दिन मेरे लिए मुश्किल भरे थे। वो वक्त था, जब मैं पूरा पूरा दिन पारले जी बिस्किट के पैकेट पर काट दिया करता था। उस दौरान मेरे बैंक अकाउंट में सिर्फ 18 रुपये बचे थे। उन्होंने कहा कि उस दौरान उनके दोस्तों से खूब मदद की।

कोई बी प्लान नहीं
बिना किसी सपोर्ट के बॉलीवुड में पहचान बनाने वाले राजकुमार राव ने ट्रैप्ड', शादी में जरूर आना, स्त्री, न्यूटन, सिटीलाइट्स जैसी जबरदस्त फिल्में दी है। एक्टर ने कहा कि मेरे पास कोई बी प्लान नहीं था. मैं सिर्फ एक्टर ही बनना चाहता था। उन्होंने कहा कि चाहे जितना भी वक्त लगता मैं एक्टर के अलावा कुछ और बनना ही नहीं चाहता था। उन्होंने कहा कि अगर फिल्म में नहीं, तो मैं थिएटर करता रहता। कुछ न कुछ करता, लेकिन करता तो एक्टिंग ही।

हमेशा रहेगा नेपोटिज्म
राजकुमार राव ने कहा कि बॉलीवुड में नेपोटिज्म हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां कई मौके हैं, कई अवसर हैं। उन्होंने साउथ की फिल्मों की तारीफ करते हुए कहा कि साउथ की फिल्मों में कड़ी मेहनत होती है इसलिए वो अच्छा काम करती है।












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