जानिए, गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट कैसे बन गया 'महाभारत' का 'भीम'? ओलंपिक में किया था भारत का प्रतिनिधित्व
मुंबई, 08 फरवरी। 'महाभारत' के 'भीम' प्रवीण कुमार सोबती अब हमारे बीच नहीं रहे। प्रवीण ने 74 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। देश अभी स्वर कोकिला लता मंगेशकर के शोक से बाहर नहीं निकलता था कि अब प्रवीण कुमार सोबती के निधन की खबर ने सभी को परेशान कर दिया है। लोग उन्हें बीआर चोपड़ा के मशहूर सीरियल महाभारत में भीम के किरदार के लिए जानते थे। बताया जा रहा है कि वो लंबे समय से बीमार थे और आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे थे।

'भीम' के किरदार को बनाया अमर
महाभारत के अलावा प्रवीण कुमार सोबती ने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। 90 के देशक में वह 'चाचा चौधरी' सीरियल में 'साबू' के लिए बच्चों में काफी लोकप्रिय थे। प्रवीण के निधन की खबर से हर कोई सदमे में है, वहीं सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया है। प्रवीण ने अपने करियर में कई फिल्मों और सीरियल्स में काम किया, लेकिन महाभारत में भीम के किरदार ने उन्हें हमेशा के लिए लोगों की याद में अमर बना दिया।

हर क्षेत्र में दिया अपना सर्वश्रेष्ठ
प्रवीण कुमार सोबती, जितने मंझे हुए कलाकार थे उतने ही अच्छे एथलीट भी थे। उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में 4 मेडल भी जीते थे, जिसमें से 2 गोल्ड मेडल थे। उन्होंने ओलंपिक में दो बार देश का प्रतिनिधित्व भी किया था। प्रवीण का जन्म 6 दिसंबर, 1947 को जन्में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में भी नौकरी कर चुके हैं। पंजाब के रहने वाले प्रवीण का लंबाई 6 फीट थी, उनकी कद-काठी देखकर हर कोई डर जाता था।

एशियन गेम्स जीते गोल्ड मेडल
प्रवीण कुमार साल 1960 से 1970 के दशक में भारत के मशहूर एथलीट थे, अपनी लंबाई का फायदा उन्हें हैमर थ्रो और डिस्कस थ्रो में मिला। बैंकॉक में हुए एशियन गेम्स में प्रवीण ने डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था। 1966 में ही हैमर थ्रो में प्रवीण को ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसके साथ ही उन्होंने 1974 में हुए एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इसके अलावा प्रवीण ने 1968 और 1972 में हुए समर ओलंपिक्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

बीएसएफ जवान से अभिनेता बनने तक का सफर
पहले खिलाड़ी और फिर बीएसएफ जवान बने प्रवीण कुमार की लाइफ में कुछ और ही लिखा था। सेना के जवान से अभिनेता बनने तक का सफर बेहद दिलचस्प है। 1986 में उन्हें अपने दोस्त से पता चला कि बीआर चोपड़ा 'महाभारत' बना रहे हैं। दोस्त ने कहा कि बीआर चोपड़ा को 'भीम' के किरदार के लिए एक बलशाली जैसे बंदे की तलाश है। बीआर चोपड़ा ने खुद प्रवीण कुमार को उनसे मिलने के लिए बुलाया था।

'शहंशाह' में भी काम कर चुके हैं प्रवीण
हालांकि बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' करने से पहले प्रवीण 30 फिल्मों में काम कर चुके थे। वह पहले से ही 'भीम' के किरदार के लिए बीआर चोपड़ा की पसंद बन चुके थे, उन्हें पहली ही मुलाकात में रोल के लिए फाइनल कर लिया गया। भीम का रोल इतना पॉपुलर हुआ कि प्रवीण को लोग उसी नाम से बुलाने लगे। उन्होंने 1981 में आई फिल्म 'रक्षा' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, इसके बाद उन्होंने जितेंद्र के साथ फिल्म 'मेरी आवाज सुनों' में काम किया। प्रवीण कुमार सोबती अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म 'शहंशाह' में भी काम कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें: Praveen Kumar RIP: नहीं रहे महाभारत के 'भीम' प्रवीण कुमार सोबती, लंबे समय से थे बीमार












Click it and Unblock the Notifications