जावेद अख्तर और कंगना रनौत के बीच जारी रहेगी कानूनी लड़ाई, बॉम्बे HC ने एक्ट्रेस की याचिका की खारिज
मुंबई, 09 सितंबर। बॉलीवुड की दो हस्तियों गीतकार जावेद अख्तर और एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच कोर्ट में लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। दरअसल, बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जावेद अख्तर की शिकायत पर कंगना रनौत के खिलाफ शुरू की गई मानहानि की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया है। कंगना ने मानहानि केस को रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसपर अब न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। याचिका खारिज होने के एक्ट्रेस कंगना रनौत की मुश्किलें खत्म हो गई हैं।
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मालूम हो कि दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एक्ट्रेस कंगना रनौत ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) का आरोप लगाया था। उस दौरान कंगना रनौत ने सार्वजनिक तौर पर कई दिग्गज कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों का नाम लिया था। कंगना ने जावेद अख्तर के नाम भी लिया जिसके बाद गीतकार ने खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया था। अब यह मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में है जहां, कंगना ने अपने खिलाफ कार्रवाई को खारिज करने की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की थी।
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जावेद अख्तर ने अपनी शिकायत में कहा है कि 19 जुलाई, 2020 को रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी के साथ इंटरव्यू में कंगना रनौत ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में उनका नाम घसीटा जिससे उनकी 'बेदाग प्रतिष्ठा' तो नुकसान पहुंचा है। रनौत ने धारा 482 सीआरपीसी के तहत अपनी याचिका में मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द करने की मांग की जिसमें पुलिस को अख्तर की शिकायत और उसके बाद के सभी आदेशों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। इसमें धारा 204 के तहत उसके खिलाफ आदेश जारी करने की प्रक्रिया और पेश होने के लिए जारी समन शामिल था। रनौत के वकील रिजवान सिद्दीकी ने तर्क दिया कि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने बिना कारण बताए सीआरपीसी की धारा 202 (1) के तहत उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया था और अख्तर द्वारा बताए गए गवाहों की जांच भी नहीं की गई थी।












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