कोर्ट में खुलासा, ऋतिक रोशन से विवाद सुलझाने के लिए कंगना और उनकी बहन से मिले थे जावेद अख्तर

कोर्ट में खुलासा, ऋतिक रोशन से विवाद सुलझाने के लिए कंगना और उनकी बहन से मिले थे जावेद अख्तर

मुंबई, 3 सितंबर: कंगना रनौत के एक इंटरव्यू को लेकर जावेद अख्तर ने उनके खिलाफ मानहानि का केस किया है। ये मामला फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट में पहुंच गया है। मामले की सुनवाई के दौरान ये भी सामने आया है कि जावेद अख्तर ने 2016 में कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली से मुलाकात की थी। उस समय कंगना ऋतिक रोशन के साथ विवाद को लेकर चर्चा में थीं। जावेद ने तब कंगना से पूरे मामले को निपटाने की सलाह दी थी।

2016 में हुई थी ये मुलाकात

2016 में हुई थी ये मुलाकात

शायद और गीतकार जावेद अख्तर ने सुनवाई के दौरान जावेद अख्तर ने खुलासा किया कि साल 2016 में उन्होंने कंगना और उनकी बहन रंगोली चंदेल से मुलाकात की थी और उनको रितिक रोशन के साथ मुद्दों को सुलझाने की सलाह दी थी। जावेद ने कहा, मैंने रितिक के साथ मामले पर उनको शांत करने की कोशिश की थी। हालांकि उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और मुझसे कहा कि वह इस मुद्दे को अपने हिसाब से देख लेंगी। बता दें कि तब कंगना ने ऋतिक पर प्यार में धोखा देने जैसे कई आरोप मीडिया में लगाए थे और उनके कथित ईमेल भी जारी किए थे।

कंगना के वकील ने क्या कहा

कंगना के वकील ने क्या कहा

कंगना रनौत के वकील रिजवान सिद्दीकी ने अदालत में कहा कि 2016 में कंगना अपनी बहन रंगोली के साथ जावेद अख्तर से मिली थीं। जावेद अख्तर ने कंगना रनौत से कहा था आप दोनों सिलेब्रिटी हैं। ईमेल का यह पूरा मामला मीडिया में लाकर जनता के बीच आप दोनों की छवि खराब होगी। इसलिए अच्छा यही होगा कि आपको ऋतिक रोशन को सॉरी कहकर इस मामले को यही खत्म कर देना चाहिए।

कंगना और जावेद के बीच क्यों चल रहा मुकदमा

कंगना और जावेद के बीच क्यों चल रहा मुकदमा

कंगना रनौत ने एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात करते हुए जावेद अख्तर समेत कई दूसरे लोगों पर कई इल्जाम लगाए थे। कंगना ने उनको ऐसे गैंग का सदस्य कहा था जो फिल्मी परिवारों से बाहर के लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाते हैं। इस पर जावेद अख्तर ने कंगना के खिलाफ अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि का मुकदमा किया है। कंगना इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईतकोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने अपने खिलाफ मानहानि के मामले को रद्द करने की मांग हाईकोर्ट से की है। इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल अपना फैसला 09 सितंबर तक के लिए टाल दिया है।

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