'छावा' के डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर का बयान अनुराग कश्यप पचा नहीं पाएंगे, 'बॉलीवुड टॉक्सिक' पर सुनाई खरी-खोटी!
अनुराग कश्यप के बयान के बाद से इंडस्ट्री ही नहीं पूरे देश में नई बहस छिड़ जाती है। पिछले कुछ दिनों पहले फिल्ममेकर ने कहा था कि बॉलीवुड का माहौल टॉक्सिक हो गया है। इसलिए वो इसे छोड़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने फिल्म न बनाने का भी ऐलान किया था। इस बयान के बाद कई लोगों ने अनुराग कश्यप को लताड़ लगाई है। अब छावा और जरा हटके जरा बचके जैसी फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर ने भी अनुराग कश्यप को झाड़ा है।
एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में लक्ष्मण से अनुराग के बयान के बारे में पूछा गया। जिसके जवाब में उन्होंने कहा, चले जाओ छोड़करस कोई जबरदस्ती तो कर नहीं रहा है। ये एक ऐसी इंडस्ट्री है जहां आपको मेंटल लेवल और क्रिएटिव लेवल पर खुश रहना पड़ेगा। इसके बाद ही आप कुछ अच्छा बना पाएंगे। जब आपका यहां ही रहने का मन नहीं है तो महान फिल्म कैसे बना पाएंगे ? इससे अच्छा है कि आप चले ही जाओ।

लक्ष्मण ने आगे कहा, जब वो कहते हैं कि दर्शक की इतनी समझ नहीं है कि उनकी फिल्में एक्सेप्ट कर सकें। ये वो गलत बोलते हैं। ऑडियंस के टेस्ट को एक्सेप्ट कर पाने में उनकी सेंसिबिलिटी नहीं है। फिल्में अब 700-800 करोड़ रुपये तक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर रही हैं। ये कैसे कह सकते हैं आप कि सिनेमा खत्म हो रहा है। कलेक्शन भी देखिए आप। बाहुबली से छावा तक आप देख लीजिए। समझ आपको बदलनी चाहिए, क्योंकि आप एक जगह फंस गए हैं। अटक गए हैं। दर्शकों के पास फोन है और उसमें दुनिया का सिनेमा है। आपसे ज्यादा वो लोग अपडेटेड हैं। ऐसे में क्या देखना है क्या नहीं, ये उन्हें पता है। सिनेमा अब हर साल में बदल रहा है। सिनेमैटोग्राफी बदल रही है, कहानी कहने का तरीका बदल रहा है। एक फिल्ममेकर के रूप में आपको भी बदलना होगा। पास्ट में रहकर आप नहीं कह सकते हैं कि दर्शकों की समझ नहीं है।
इसके अलावा लक्ष्मण ने कहा, एक फिल्ममेकर को किसी ने आपसे क्रांति की उम्मीद नहीं की है। दुनिया बदलने के लिए भी नहीं कहा गया है। आप यहां पैसे कमाने आए हैं, इसलिए ज्ञानी मत बनो। अपना काम करो और फिल्में अच्छी बनाओ। क्योंकि आपका काम एंटरटेन करना है, उपदेश देना नहीं।












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