Dev Anand की नकल करते थे पूर्व PM नवाज शरीफ ! बेगम ने CID और गाइड के सामने खोल दी पोल
जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दीवानगी की पोल खुली। बेगम कलसुम नवाज ने देव आनंद के सामने किया खुलासा। dev anand nawaz sharif cid movie kalsoom nawaz
मुंबई, 26 सितंबर : सदाबहार अभिनेता देव आनंद की लोकप्रियता ऐसी है जिसके सामने सरहदें बेमानी हो जाती हैं। भारत और पाकिस्तान में बॉलीवुड फिल्में बेहद लोकप्रिय हैं। कलाकार का कोई मजहब नहीं और कला किसी बाउंड्री में कैद नहीं हो सकती, ये बात देव आनंद के मामले में सटीक लगती है। विभाजन के बाद भी देव आनंद की लोकप्रियता ऐसी थी कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी ने पाकिस्तान जाने के दौरान अपने समकक्ष नवाज शरीफ से पूछा तो जवाब मिला, बस देव आनंद को ले आएं।

नवाज और देव आनंद की मुलाकात
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी देव आनंद के बड़े प्रशंसक रहे। आलम ये कि सद्भावना यात्रा के लिए भारत से लाहौर बस यात्रा कर जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब नवाज से पूछा कि भारत से क्या लाऊं तो उन्होंने कहा, केवल देव आनंद को ले आएं। बाद में लंदन दौरे पर जाने के दौरान नवाज और देव आनंद की मुलाकात होती रही।

CID के सामने पूर्व PM की नकल का किस्सा
देव आनंद और नवाज शरीफ की मुलाकात के बारे में देव आनंद के करीबी रहे मोहन चूड़ीवाला बताते हैं कि नवाज शरीफ के बंगले पर दावत होती थी। नवाज शरीफ की पत्नी कुलसुम नवाज (Kalsoom Nawaz) ने देव आनंद के सामने नवाज शरीफ की दीवानगी का किस्सा डाइनिंग टेबल पर सुनाया था। पूर्व पीएम की नकल की कहानी ऐसी है जो आज बरसों बाद भी सबको गुदगुदाती है।

CID फिल्म की डीवीडी मियां साहब खराब
नवाज शरीफ की बेगम ने देव साहब के सामने बताया कि CID फिल्म की डीवीडी मियां साहब खराब कर देते हैं। बेगम ने बताया कि 'लेके पहला-पहला प्यार...' गाने में जिस अंदाज में देव आनंद टर्न करते हैं, वो नवाज शरीफ को काफी पसंद था। वे डीवीडी रिवाइंड कर वो सीन देखते थे। ये सुनने के बाद देव साहब झेंप गए थे।

तीन पीढ़ियों में लोकप्रिय देव आनंद
देव आनंद की जिंदादिली ने उन्हें कभी बूढ़ा नहीं होने दिया। उम्र को महज एक नंबर साबित करने वाले देव आनंद के बारे में ललित मोहन जोशी बताते हैं कि तीन पीढ़ियों को दीवाना बनाने वाले देव आनंद आम आदमी के बीच काफी लोकप्रिय रहे। फिल्म इतिहासकार ललित मोहन जोशी के मुताबिक उनकी मां की उम्र की बुआ लखनऊ में रहती थीं, वे देव आनंद की युवावस्था में उन्हें पसंद करती थीं।

हर फिक्र को धुएं में उड़ाता..
ललित मोहन जोशी बताते हैं कि बाद में वे खुद और उनकी उम्र के दूसरे बच्चे भी देव साहब के दीवाने बन गए। देव आनंद की पहचान आम आदमी से अधिक करीब होने के कारण लोग उन्हें पागलपन की हद तक लोग उन्हें पसंद करते थे। सिनेमा के लिए ताउम्र जवान रहने की बात करने वाले देव आनंद भले ही अब सदेह हमारे बीच नहीं हैं लेकिन 'हर फिक्र को धुएं में उड़ाता...' गाने का सदाबहार नायक सदा अपनी कला और फिल्मों के सहारे ही हमारे बीच रहेगा।












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