'धुरंधर' पर आया दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला, अब 5 दिसंबर को रिलजी नहीं होगी रणवीर की फिल्म?

Ranveer Singh Dhurandhar: रणवीर सिंह स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धुरंधर' रिलीज़ से ठीक पहले कानूनी पचड़े में उलझ गई है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हुई कि इसमें रणवीर सिंह द्वारा निभाया गया किरदार शहीद मेजर मोहित शर्मा से प्रेरित है। इसी आधार पर मेजर शर्मा के परिवार ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और फिल्म की रिलीज़ रोकने की मांग करते हुए याचिका दायर की। सोमवार को इस मामले पर सुनवाई हुई और अदालत ने इस पर अहम टिप्पणी की।

Ranveer Singh Dhurandhar

दिल्ली हाईकोर्ट ने CBFC को आदेश दिया
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। अदालत ने साफ कहा कि फिल्म अभी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय CBFC के हाथ में है। कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया कि वह परिवार की चिंताओं को गंभीरता से सुने और जरूरत पड़ने पर फिल्म को सशस्त्र बलों (Armed Forces) के पास समीक्षा हेतु भेज सकता है। जस्टिस दत्ता ने कहा, "सीबीएफसी फिल्म को प्रमाणित करने की प्रक्रिया में है। ऐसे में यह आवश्यक है कि परिवार की आपत्तियों पर उचित विचार किया जाए।"

ट्रेलर पर विवाद: अदालत के सवाल और याचिकाकर्ता के तर्क
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि किरदार मेजर मोहित शर्मा पर आधारित है, जबकि ट्रेलर में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इस पर वकील ने तर्क दिया कि प्रचार सामग्री, समीक्षकों की राय और दर्शकों की चर्चा-सब मेजर शर्मा की ओर संकेत कर रहे हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया, "ट्रेलर में क्या विशिष्ट समानता दिखाई देती है?" इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि यह समानता सूक्ष्म है लेकिन स्पष्ट भी।

निर्देशक आदित्य धर की सफाई और CBFC का रुख
CBFC की ओर से बताया गया कि फिल्म निर्माताओं ने इसे पूरी तरह काल्पनिक बताया है और सेंसर बोर्ड की समिति ने फिल्म देख भी ली है। वहीं, निर्देशक आदित्य धर की एक सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि फिल्म का मेजर मोहित शर्मा से कोई संबंध नहीं है। जब कोर्ट ने पूछा कि फिल्म को आर्मी के पास भेजने में क्या दिक्कत है, तो CBFC ने कहा कि इस पर निर्णय समिति लेगी। याचिकाकर्ता ने परिवार के लिए प्राइवेट स्क्रीनिंग का सुझाव भी दिया, जिसे इस समय स्वीकार नहीं किया गया।

न्यायालय की स्पष्ट टिप्पणी
अंत में अदालत ने कहा, "चूँकि यह याचिका एक शहीद के परिवार ने दायर की है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना आवश्यक है।" इसके साथ ही कोर्ट ने CBFC को विवेकानुसार अगला कदम उठाने की पूरी छूट दी। फिल्म की रिलीज़ पर

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