'महिलाओं को यह बताना आपका काम नहीं...' हिजाब विवाद में कूदीं अमेरिकी सुपरमॉडल बेला हदीद
नई दिल्ली, 19 फरवरी: कर्नाटक के उडुपी जिले में एक कॉलेज से शुरू हुए हिजाब विवाद की गूंज देश से लेकर विदेशों तक जा पहुंची है। हिजाब विवाद को लेकर देश में लोगों की अपनी अलग-अलग राय है। कोई इसके समर्थन में हैं तो कोई इसके खिलाफ। इस बीच पॉलिटिकल लीडर से लेकर तमाम बॉलीवुड हस्तियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। वहीं अब हॉलीवुड सुपरमॉडल बेला हदीद (Bella Hadid) जो अक्सर अपने स्टाइल और फोटोशूट को लेकर सोशल मीडिया पर छाईं रहती हैं, उन्होंने भी हिजाब विवाद पर कुछ ऐसा कहा है, जो अब सुर्खियों में आ गया गया है।

'यह दिखाता है कि दुनिया कितनी इस्लामोफोबिक है'
अमेरिकी सुपरमॉडल बेला हदीद के हिजाब विवाद पर दिए हालिया रिएक्शन ने कर्नाटक हिजाब विवाद को इंटरनेशनल लेवर पर सुर्खियां में ला दिया है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बेला हदीद ने लिखा 'यह दिखाता है कि दुनिया कितनी इस्लामोफोबिक है।' इसी के साथ इंस्टाग्राम पर उन्होंने इस बारे में बात की कि कैसे फ्रांस, भारत, क्यूबेक और बेल्जियम जैसे देशों सहित दुनिया भर की मुस्लिम महिलाओं को भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

सुपरमॉडल ने की भारत की आलोचना
सुपरमॉडल बेला हदीद ने अपना पक्ष रखते हुए हिजाब विवाद को महिलाओं के प्रति पक्षपात की भावना और पुरुषों के अहंकार से भरा हुआ बताया है। अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर उन्होंने लिखा, "मैं फ्रांस, भारत, क्यूबेक, बेल्जियम और दुनिया के किसी भी अन्य देश, जो मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव करते हैं, उनसे आग्रह करती हूं कि जो निर्णय आपने किए हैं या भविष्य में एक ऐसे फैसले के सोचने की कोशिश कर रहे हैं, जो आपका नहीं है। महिलाओं को यह बताना आपका काम नहीं है कि उन्हें क्या पहनना चाहिए या क्या नहीं, खासकर जब यह आस्था और सुरक्षा से संबंधित हो।

'हर महिला के पास अपना पूरा हक'
इसी के 25 वर्षीय मुस्लिम मॉडल ने लिखा कि हर महिला के पास अपने शरीर को लेकर फैसला लेने का पूरा हक है। इसे लेकर फैसला करने का हक उनके अलावा और किसी के पास भी नहीं है। वहीं उन्होंने कहा कि यह सब दिखाता है कि दुनिया कितनी इस्लामोफोबिक है। बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी हिजाब विवाद पर अपना पक्ष करते हुए इस शर्मनाक बताया था। उन्होंने एक बुर्के वाली लड़की के लड़कों की तरफ से नारेबाजी करने की घटना की तुलना द्रौपदी चीरहरण से की थी।

उडुपी से उठा हिजाब का मुद्दा
आपको बता दें कि कर्नाटक में हिजाब विवाद का जन्म जनवरी की शुरुआत में उडुपी के एक कॉलेज में हुई थी, जहां हिजाब पहनी कुछ लड़कियों के विरोध में छात्र भगवा गमछा डालकर कॉलेज पहुंचने लगे। धीरे-धीरे यह विवाद पूरे राज्य में फैल गया। इस मामले की सुनवाई कर्नाटक हाई कोर्ट में चल रही है, जिसके बाद कोर्ट के आदेश तक कॉलेज-स्कूलों में हिजाब और भगवा स्कार्फ पर प्रतिबंध लगाया गया है।












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